माघ मकरगत रबि जब होई/तीरथपतिहिं आव सब कोई...। तुलसी की यह चौपाई में संगम की रेती पर लगने वाले माघ मेले की महिमा बताने के लिए काफी है। यानी माघ महीने में सूर्य जिस तिथि को मकर राशि में पहुंचते हैं, उस दिन तीर्थराज प्रयाग में संगम पर डुबकी लगाने के लिए आने से कोई भी नहीं बच पाता। सुरसरि की सुरम्य गोद में अक्षय वट से लेकर त्रिवेणी, काली और गंगोली शिवाला मार्ग तक संतों, भक्तों, कल्पवासियों के शिविर तन गए हैं।
प्रयागराज संगम : मखमली रेती पर सजी तंबुओं की नगरी, मकर संक्रांति पर पुण्य की डुबकी से आज होगा माघ मेले का आगाज
मन, वचन और कर्म तीनों प्रकार से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्त होने के लिए महीने भर ध्यान और स्नान का मेला मिलन की भूमि संगम पर आकार ले चुका है। अब हर किसी को इंतजार है सूर्य के उत्तरायण होने का।
देर रात तक उतरते रहे कल्पवासियों के सामान
बृहस्पतिवार को दिन भर पांटून पुलों से कल्पवासियों के वाहन फूस, अलाव की लकड़ी और गृहस्थी के सामानों के साथ उतरते रहे। देर रात कर संतों, तीर्थपुरोहितों के शिविरों में हजारों कल्पवासियों ने डेरा डाल दिया। मकर संक्रांति पर मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के साथ ही मेला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
संगम से लेकर ओल्डजीटी के बीच गंगा के दोनों तटों पर 12 स्नान घाटों पर मकर संक्रांति पर्व पर स्नान होगा। वाहनों के लिए आठ पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, ताकि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी तरह का असर न पड़ सके। पांच सेक्टर में बसे इस मेले में 32 सौ आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की संस्थाओं के शिविर लगाए गए हैं।
मेलाधिकारी ने बिजली-पानी के इंतजामों को परखा
प्रयागराज। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने बृहस्पतिवार की शाम मेला क्षेत्र में मकर संक्रांति स्नान पर्व की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बिजली, पानी के अलावा सड़क और संचार के इंतजामों को परखा और संतों-भक्तों को किसी भी तरह की असुविधा न होने देने के लिए निर्देश दिए।
मेलाधिकारी ने संतों, भक्तों और प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों से अपील की है कि वह उन्हीं कल्पवासियों को शिविरों में बसाएं, जिनकी 72 घंटे के भीतर आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव आई हो। साथ ही कोविड वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट लेकर आना अनिवार्य होगा। मेला एसपी डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
16 प्रवेश द्वारों पर थर्मल स्क्रीनिंग, 12 सर्विलांस टीमें तैनात
मेला प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल के बीच स्नान की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मेले के सभी 16 प्रवेश द्वारों और पार्किंग स्थलों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रत्येक सेक्टर में 12 सर्विलांस टीमें तैनात की गई हैं, जो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं कल्पवासियों की आरटीपीसीआर जांच करेंगी। इसके अलावा कोविड-19 के टीकाकरण और सैंपलिंग के लिए भी छह-छह केंद्र बनाए गए हैं।
घाट बने, चेंजिंग रूम भी तैयार
प्रयागराज। माघ मेले में संतों-भक्तों की सुगम डुबकी के लिए स्नान घाटों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इन घाटों पर संत, भक्त और कल्पवासी पुण्य की डुबकी लगाएंगे। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। भक्तों की मदद के लिए भी घाटों पर टीमें तैनात रहेंगी।
-12 स्नान घाटों पर मकर संक्रांति पर लगेगी पुण्य की डुबकी
-1390 सामुदायिक शौचालय माघ मेले में स्वच्छता और सफाई के लिए लगाए गए
-12 स्वास्थ्य शिविर और 10 प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए
-05 सेक्टरों में बसाया गया संगम की रेती पर आस्था का माघ मेला
-08 पार्किंग स्थल वाहनों के लिए बनाए गए
-11,500 स्टैंड पोस्ट पेयजल के लिए मेला क्षेत्र में स्थापित