कोल्ड स्टोर के धराशायी होने का 58 सेकंड का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हादसे से ठीक पहले ही कुछ लोग वीडियो बनाते दिख रहे हैं। हालांकि, अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो मेंं दिख रहा है कि बिल्डिंग धीरे-धीरे हिल रही है। आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति को भांपते हुए वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में कुछ लोग बोल रहे हैं कि अब बिल्डिंग गिर जाएगी और कुछ ही देर में इमारत भरभराकर गिर गई। वीडियो से सवाल उठ रहे हैं कि जब लोगों को पता चल गया था कि कोल्ड स्टोर ढहने वाला है तो शोर मचाकर मजदूरों को वहां से निकाला क्यों नहीं गया। फाफामऊ थाना प्रभारी अश्वनी सिंह ने कहा कि हो सकता है कि बिल्डिंग का कुछ हिस्सा पहले गिर गया हो, इसलिए मौके पर मौजूद कुछ लोग वीडियो बनाने लगे।
Prayagraj : कोल्ड स्टोर के गिरने का वीडियो वायरल, लोग बोले- जब पता था तो क्यों मजदूरों को नहीं बचाया
Prayagraj Cold Store News : फाफामऊ के चंदापुर में पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोर धराशायी होने से चार मजदूरों की मलबे में दबकर मौत हो गई है। कोल्ड स्टोर के गिरने की आशंका ग्रामीणों को हो गई थी। काफी तेज थरथराते देख लोगों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया था। धराशायी होने का लाइव वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि अमर उजाला इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। फिलहाल पुलिस छानबीन में जुटी है।
300 जवानों ने निकाला मलबे का एक तिहाई हिस्सा
चंदापुर गांव में हादसे के बाद सोमवार रात से मंगलवार देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा। करीब 300 जवानों की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों जुटी रही। मलबे का लगभग एक तिहाई हिस्सा हटाया जा चुका है।
इलेक्ट्रीशियन का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम
कोल्ड स्टोर हादसे का शिकार हुए इलेक्ट्रीशियन जगदीश का शव मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। मोरहू गांव के मौहरिया मजरा निवासी जगदीश प्रसाद पिछले 15 वर्षों से आदर्श गोल्ड स्टोर में इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत था। शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी साधना देवी और मां निर्मला देवी बेसुध हो गईं, जबकि बेटे समर कुमार और अमर कुमार को लोग संभालते रहे। मृतक तीन भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़ा था। पिता अशोक कुमार ने बताया कि वह तीन दिन से लगातार कोल्ड स्टोर में काम कर रहा था। देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मलबे में दफन हुई किसानों की मेहनत, मुआवजे की मांग
फाफामऊ के चंदापुर में हुए हादसे ने किसानों की गाढ़ी मेहनत पर पानी फेर दिया। मंगलवार सुबह जब किसान अपनी जमा पर्चियां लेकर कोल्ड स्टोर पहुंचे तो वहां का मंजर देख उनके होश उड़ गए। मलबे में दबे आलू और बर्बाद हुई फसल ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। फूलपुर के गोरियों निवासी पवन कुमार पटेल, सुनील कुमार, चिंतामणि और मोरहू निवासी रामराज पाल समेत शिवगढ़ के दादूपुर निवासी शंकर पासी ने बताया कि उन्होंने खून-पसीना एक कर चार महीने में आलू की फसल तैयार की थी।
इसे महज एक सप्ताह पहले ही कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखने के लिए जमा किया था, लेकिन हादसे ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसान पवन पटेल के 400 बोरी, सुनील कुमार के 284 बोरी, चिंतामणि के 300 बोरी, रामराज पाल के 180 बोरी और शंकर पासी के 90 बोरी आलू पूरी तरह बर्बाद हो गए। घटना के बाद से किसानों में भारी रोष है। पीड़ित किसानों ने सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके और वे फिर से खेती के लिए खड़े हो सकें।
मुंशी पर लगा क्षमता से अधिक भंडारण का आरोप
फाफामऊ के चंदापुर कोल्ड स्टोर हादसे के बाद अब लापरवाही और दबाव की परतें खुलने लगी हैं। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि कोल्ड स्टोर के मुंशी राम मूरत ने उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए क्षमता से अधिक आलू का भंडारण कराया। मजदूरों के मुताबिक, जब उन्होंने ज्यादा बोरी रखने का विरोध किया तो मुंशी ने उन्हें डांटकर चुप करा दिया। कहा कि मुंशी मैं हूं या तुम, जितना कहूं उतना करो, नहीं तो भगा दूंगा। धमकी से डरकर मजदूर भी चुप रहने को मजबूर हो गए।
जगदीशपुर दुवरा निवासी पल्लेदार संजीव कुमार ने बताया कि कोल्ड स्टोर की अधिकतम क्षमता करीब एक लाख अस्सी हजार बोरियों की है, लेकिन सातवीं मंजिल तक भंडारण कराया गया। छठवीं मंजिल भरने के बाद भी मुंशी ने दो लाख से अधिक आलू की बोरियां जबरन रखवाईं। मजदूरों का आरोप है कि मुंशी अपने परिचितों के आलू प्राथमिकता के आधार पर स्टोर में भरवा रहा था, भले ही इससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही हो। विरोध के बावजूद उनकी एक न सुनी गई। घटना के बाद से मजदूरों और किसानों में आक्रोश है।
ठेकेदार और मुंशी लापता, परिजनों को नहीं मिल रही अपनों की सही जानकारी
फाफामऊ के चंदापुर स्थित कोल्ड स्टोर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले और घायल मजदूरों के परिजन अपनों की सही जानकारी के लिए भटक रहे हैं। बिहार के सलखुआ निवासी मृतक सनोज चौधरी के परिजनों का कहना है कि घटना की खबर मिलते ही उन्होंने मजदूरों को बिहार से लाने वाले ठेकेदार बलबीर यादव से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल नंबर लगातार बंद आ रहा है। मजदूरों को कोल्ड स्टोर में लाने वाला बलबीर यादव खुद बिहार के सलखुआ थाना क्षेत्र के पिपरा गांव का निवासी बताया जा रहा है। इसी तरह कोल्ड स्टोर के मुंशी अजीत निवासी बिहार और स्थानीय मुंशी राम मूरत के मोबाइल नंबर भी हादसे के बाद से बंद हैं। इन तीनों के अचानक संपर्क से बाहर होने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं पता चल पा रहा है कि उनके अपने किस अस्पताल में भर्ती हैं या उनकी स्थिति कैसी है।