Prayagraj LPG Crisis : बुकिंग 40 फीसदी बढ़ी, आपूर्ति में 25 फीसदी कटौती, कैसे मिले रसोई गैस
ईरान-इस्राइल समेत पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उपजे एलपीजी संकट के बाद प्रयागराज की गैस एजेंसियों का बैकलॉग तेजी से बढ़ रहा है। एजेंसी संचालकों के अनुसार घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की बुकिंग में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है।
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ईरान-इस्राइल समेत पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उपजे एलपीजी संकट के बाद प्रयागराज की गैस एजेंसियों का बैकलॉग तेजी से बढ़ रहा है। एजेंसी संचालकों के अनुसार घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की बुकिंग में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है, जबकि एजेंसियों को होने वाली सप्लाई में 25 फीसदी तक की कटौती कर ली गई है।
एलपीजी आईओसीएल, बीपीसीएल व एचपीसीएल के सेल्स अधिकारियों की ओर से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार प्रयागराज में 144 गैस एजेंसियों के मुकाबले 46 गैस एजेंसियों में 14.2 किग्रा के घरेलू रसोई गैस सिलिंडर का बैकलॉग काफी अधिक है। आईओसीएल झूंसी गैस सर्विस की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां प्रारंभिक स्टॉक 1004 और लंबित डिलीवरी की संख्या 9106 है, यानी बैकलॉग 8102 है।
वहीं, आईओसीएल की शुभ इंडेन एजेंसी का प्रारंभिक स्टॉक 211 है, जबकि लंबित डिलीवरी की संख्या 6200 है। ऐसे में 5989 उपभोक्ता रसोई गैस मिलने की कतार में हैं। आईओसीएल की बसंत गैस सर्विस का प्रारंभिक स्टॉक केवल 78 है, जबकि लंबित डिलीवरी 6162 और बैकलॉग 6074 है। हरिश्चंद्र गैस सर्विस का प्रारंभिक स्टॉक 37, लंबित डिलेवरी 5996 और सिलिंडर मिलने का इंतजार कर रहे उपभोक्ताओं की संख्या 5959 है।
बाकी एजेंसियों की भी कमोवेश यही स्थिति है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि जिनके पास दो से तीन सिलिंडर हैं, वे भी बुकिंग की लाइन में लगे हुए हैं। होली के ठीक बाद यह संकट उत्पन्न हो गया। होली पर घरों में एलपीजी काफी ज्यादा खर्च हुई। आगे दिक्कत न हो, इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग करा ली। बुकिंग तकरीबन 40 फीसदी तक बढ़ गई और एजेंसियों को मिलने वाले लोड में 25 फीसदी तक की कटौती कर दी गई। इसी वजह से बैकलाॅग बढ़ गया।
वहीं, उपभोक्ताओं की अपनी तकलीफ है। उनका कहना है कि सिलिंडर की डिलीवरी के 21 दिनों के बाद अगली बुकिंग हो रही है और बुकिंग के बाद डीएसी नंबर आवंटित होने में एक से दो दिन लगे रहे हैं और डीएसी नंबर आवंटन के आठ से 10 दिन बाद सिलिंडर मिल रहा है। अगर बहुत किफायत से चलें तो भी चार से पांच लोगों के परिवार में 22 से 25 दिन में एक सिलिंडर खत्म हो जाता है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी में संपर्क करने पर उचित जवाब नहीं मिला। कहा जाता है कि जब लोड आएगा तो सिलिंडर मिल जाएगा। उधर, आपूर्ति विभाग ने बैठक कर विक्रय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमित प्लान बनाकर आवश्यकतानुसार प्रतिदिन एजेंसियों को लोड बढ़ाते हुए मांग के सापेक्ष डिपो से शतप्रतिशत डिलीवरी सुनिश्चित कराएं और बैकलॉग तीन दिन में समाप्त कराएं।