कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को ही पुलिस-प्रशासन अभी शांत नहीं करा पाया था कि गुरुवार शाम तीन बजे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर भी जिले की सीमा पर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें अतरौलिया थाना क्षेत्र के लोहरा टोल प्लाजा पर रोक दिया।
सौ से अधिक समर्थकों के साथ चंद्रशेखर गिरफ्तार, रिहा, 5 घंटे से धरने पर बैठे,कहा-पीड़ितों से बिना मिले नहीं उठूंगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़ जाने की जिद करते हुए अपने समर्थकों के साथ टोल प्लाजा पर धरने पर जमे हुए थे। उन्होंने कहा कि यहां हमें आइना दिखाया गया है। प्रधान की हत्या कर परिवार वालों से कहा गया कि जाओ देखो हमने हत्या कर दी है। मैं अपने परिवार से मिलने जाना चाहता हूं। बिना मिले नहीं जाउंगा। मैं इस समाज से हूं।
चाहे जितने दिन लगे बिना मिले नहीं जाउंगा। बैठ गया तो बैठ गया हूं। वजनदार आदमी बैठ जाता है तो फिर अधिकारों के साथ उठते हैं। प्रशासन हमें परिवार से मिलाए। जब तक इसको राष्ट्रीय पटल पर नहीं उठाएंगे, नहीं जाएंगे। मौके पर कई थानों की फोर्स जमा थी।
दरअसल, तरवां के बांसगांव के वर्तमान प्रधान सत्यमेव जयते की हत्या को लेकर जनपद की राजनीति गरमाई हुई है। गुरुवार सुबह कांग्रस नेताओं ने गांव जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें सर्किट हाउस में नजरबंद कर दिया। शाम के चार बजे तक कांग्रेस नेताओं को जनपद से बाहर रवाना किया तो तीन बजे अतरौलिया बार्डर पर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आ धमके।
समर्थकों के साथ जनपद की सीमा पर आने की सूचना से प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आंबेडकरनगर में एक दलित लड़की के दुष्कर्म की घटना के संबंध में परिजनों से मिलने के बाद वह आजमगढ़ पहुंचे थे। रोके जाने पर लंबे-चौड़े काफिले के साथ वहीं बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए।
केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ, एसडीएम दिनेश कुमार मिश्र और सीओ ने उनकी डीएम से बात कराई। धारा 144 का हवाला दिया गया। इसके बाद भी समर्थक टस से मस नहीं हुए।