उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक महिला ने रविवार की सुबह अपने बड़े पुत्र से नाराज हुई और गुस्से में छोटे पुत्र की जान ले ली। वह खुद भी आत्महत्या के लिए पोखरी (तालाब) में कूद गई, लेकिन ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई और उसे बचा लिया। गंभीर हालत में महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, मृत बच्चे के शव को परिजनों ने पंचनामा कर दफन कर दिया।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अतरकक्षा गांव निवासी महिला तरन्नुम(36) पत्नी फिरोज घर पर अपने तीन पुत्रों के साथ रहती है। पति फिरोज रोजी रोटी के लिए मुंबई में रहता है। तरन्नुम के बड़े बेटे अरमान ने रविवार की सुबह मां से 100 रुपये मांगे थे। जब मां ने पूछा किसलिए? तो बेटा कुछ बता नहीं रहा था।
पैसे को लेकर मां और बेटे में कुछ देर खटपट भी हुई और छीनाझपटी में 100 का नोट फट गया। इससे नाराज होकर तरन्नुम घर से निकलकर कहीं जाने लगी। छोटा बेटा फैजुल्ल रहमान(8) उसके पीछे-पीछे जा रहा था। तरन्नुम बार-बार उसे घर वापस जाने को कह रही थी, लेकिन वह मान नहीं रहा था और वह भी पीछे-पीछे जा रहा था।
अभी महिला अम्मापार गांव स्थित तालाब के पास पहुंची थी कि उसे गुस्सा आ गया और उसने अपने बेटे को तालाब में डूबो कर मार डाला। इसके बाद स्वयं भी आत्महत्या की नीयत से तालाब में कूद गई। तरन्नुम को तालाब में कुदते आसपास के ग्रामीणों ने देख लिया और वे भाग कर मौके पर पहुंचे। मां व बेटे को ग्रामीणों ने तालाब से बाहर निकाला। बेटे की मौत हो चुकी थी और मां बेहोसी की हाल में थी।
ग्रामीणों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गए। इसके बाद अचेत तरन्नुम को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। वहीं परिवार के लोगों ने पंचनामा कर मृत बच्चे के शव को दफर कर दिया। कोतवाल जीयनपुर हीमेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण के बारे में जानकारी है। पता किया जा रहा है।