पश्चिमी यूपी में एक तरफ पुलिस बदमाशों का दनादन एनकाउंटर करने पर लगी है। वहीं बदमाश मौका मिलते ही लूट और हत्या की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। वेस्ट यूपी में भाजपा के दो नेताओं के मर्डर के मामले में जहां पुलिस प्रशासन खाली हाथ है वहीं अधिवक्ताओं को भी बदमाश निशाना बना रहे हैं। पिछले बीस दिन के भीतर तीन जिलों में तीन वकीलों की हत्या से हड़कंप मचा हुआ है: -
पश्चिमी यूपी में नेताओं के बाद अब बदमाशों के निशाने पर अधिवक्ता, 20 दिन में तीन वकीलों की हत्या
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70 बीघा जमीन के लिए वकील दोस्त का मर्डर
मेरठ के मेडिकल थानाक्षेत्र में अधिवक्ता मुकेश ग्राम कमालपुर में रात लगभग सवा नौ बजे खाना खाकर टहल रहे थे कि बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। गोली उनके सिर में लगी। तत्काल उनको आनंद अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उधर हत्या के बाद से ही पुलिस इस प्रकरण में जमीन के विवाद को लेकर कड़ियां जोड़नी शुरू की तो सारी कहानी सामने आ गई। हालांकि इस प्रकरण में मेरठ पुलिस ने महज छह घंटे में हत्या का खुलासा कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, गोकलपुर निवासी नासिर अली प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। उसने कमालपुर में कुछ जमीन खरीदी। अधिवक्ता के भतीजे ओमकार ने भी अपनी जमीन 50 लाख रुपये में उसे बेची थी। इस भूमि से सटी सरकारी भूमि को भी नासिर ने खरीदी गई जमीन में मिला लिया। करीब 70 बीघा जमीन में नासिर ने प्लॉट काटने शुरू कर दिए। अधिवक्ता मुकेश शर्मा ने इसी जमीन पर आपत्ति लगा दी। जिसके बाद कोर्ट ने कॉलोनी बनने पर रोक लगा दी। इसे लेकर आरोपियों ने योजना बनाकर अधिवक्ता से दोस्ती की और फिर उनकी हत्या कर डाली।
मुजफ्फरनगर में लापता वकील का मर्डर
मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लद्दावाला निवासी अधिवक्ता समीर सैफी (28) पुत्र अजहर सैफी 15 अक्तूबर की रात करीब साढ़े सात बजे घर से कुछ दोस्तों के साथ जाने की बात कहकर निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन थाने पहुंचे, जहां देर रात करीब ढाई बजे उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
तभी से परिजन उनको तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। तीन दिन बाद शुक्रवार रात उनका शव मंसूरपुर थानाक्षेत्र में पड़ा मिला। पुलिस ने शुक्रवार को ही अधिवक्ता के तीन दोस्तों को शक के आधार पर हिरासत में लिया था, जिन्होंने शनिवार देर रात पूछताछ में चलती कार में गला दबाकर अधिवक्ता की हत्या करने और शव को भोपा क्षेत्र में फेंकने की बात कुबूल की है।
कचहरी से लौटते वक्त अधिवक्ता को उतार मौत के घाट
बागपत में 30 सितंबर को पलड़ा गांव निवासी जाहिद (40) पुत्र हबीबुल्ला की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह बागपत कचहरी में अधिवक्ता थे। बागपत कचहरी से काम खत्म कर बाइक से वापस घर लौट रहे थे। जब वह पुसार-पलड़ा मार्ग पर नहर की पटरी पर पहुंचे तो बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।
बदमाश घटना को अंजाम देकर भाग निकले। हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिन्होंने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि पुलिस की मखबिरी करने के शक में उन्होंने अधिवक्ता जाहिद को पहले मौत के घाट उतारा और फिर उनके जनाजे में भी शामिल हुए। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त एक पिस्टल मय कारतूसव एक बाइक बरामद की थी।
अधिवक्ता ने जताया जान का खतरा
अधिवक्ता मुकेश शर्मा की हत्या से भयभीत होकर एक और अधिवक्ता ने जान का खतरा जताया है। शिव सरोवर कालोनी नौचंदी निवासी चौधरी सुनील कुमार एडवोकेट ने बताया कि 10 जून 2015 को हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला किया था। उनको पांच गोलियां लगीं थीं। बदमाश उन्हें मरा समझकर भाग निकले थे। लेकिन वह बच गए थे।
पुलिस ने इस मामले में 14 बदमाश पकड़े थे। मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। इस मुकदमे के सभी अभियुक्त जमानत पर हैं और मुकदमे को प्रभावित करने की साजिश रच रहे हैं। भविष्य में उनके साथ कोई घटना घटती है तो इसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा। अधिवक्ता ने पुलिस सुरक्षा दिलाने और शस्त्र लाइसेंस बनवाने का आग्रह किया है।