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Navratri 2022: नवरात्र में सौहार्द के सितारे जड़ रहीं ये मुस्लिम महिलाएं, तस्वीरें देख आप भी करेंगे तारीफ

Sat, 01 Oct 2022 07:02 PM IST
कपिल kapil मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Sat, 01 Oct 2022 07:02 PM IST
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Navratri 2022: Muslim women are rooting the stars of harmony in Chunari of Devi Maa in Baghpat
देवी मां की चुनरी तैयार करती मुस्लिम महिलाएं। - फोटो : amar ujala

नवरात्र पर मां के शृंगार के लिए मुस्लिम महिलाएं भी पूरी तन्मयता से योगदान दे रही हैं। मां की चुनरिया को आकर्षक बनाने के लिए उसमें गोटे और सितारे जड़ने की जिम्मेदारी मुस्लिम महिलाओं ने उठाई है। यह उनके लिए न सिर्फ एक रोजगार है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए आपसी सौहार्द का संदेश भी है।



पठान कोट मोहल्ले में करीबन 900 मुस्लिम परिवार रहते हैं। खास यह है कि इनमें से करीब 400 परिवार ऐसे हैं, जो नवरात्र शुरू होने से करीब एक माह पहले नवरात्रों में नौ दिन अलग-अलग स्वरूपों में पूजे जाने वाली माता की चुनरी बनाने में जुट जाते हैं। घर की महिलाएं, युवतियां, बच्चे, बूढे़ और जवान सुबह से शाम तक चुनरी तैयार करते रहते हैं।

Navratri 2022: Muslim women are rooting the stars of harmony in Chunari of Devi Maa in Baghpat
देवी मां की चुनरी तैयार करती मुस्लिम महिला। - फोटो : amar ujala

इनके हाथों से बनी चुनरी की मांग उत्तर प्रदेश के अलावा सोनीपत, दिल्ली, लोनी, उत्तराखंड आदि अन्य राज्यों में है। यहां बनने वाली चुनरी बागपत के अलावा हरिद्वार में चंडी देवी, मंसा देवी के दरबार तक भी जाती है।

Navratri 2022: Muslim women are rooting the stars of harmony in Chunari of Devi Maa in Baghpat
मुस्लिम महिला। - फोटो : amar ujala

मां तो मां होती है, धर्म से क्या लेना
मल्लिका और उसका परिवार पिछले डेढ़ दशक से मां की चुनरी तैयार कर रहा है। इससे उनका घर तो चलता ही है, साथ ही इस तरह के कार्य से कौमी एकता कायम होती है। 

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Navratri 2022: Muslim women are rooting the stars of harmony in Chunari of Devi Maa in Baghpat
देवी मां की चुनरी तैयार करती मुस्लिम महिला। - फोटो : amar ujala

इसके अलावा गुलफसा और फरीन का कहना है कि मां तो मां होती है, मां का धर्म से क्या लेना। इसलिए कभी ऐसा नहीं लगा कि मुस्लिम होकर मां दुर्गा की चुनरी क्यों तैयार करते हैं। दिलशाना और कोशर का कहना है कि आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए यह मिसाल उन लोगों के लिए अच्छा उदाहरण है, जो दोनों वर्गों में जहर खोलकर झगड़ा कराने की कोशिश करते हैं।

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Navratri 2022: Muslim women are rooting the stars of harmony in Chunari of Devi Maa in Baghpat
देवी मां की चुनरी तैयार करती मुस्लिम महिला। - फोटो : amar ujala

पूरे दिन में तैयार होती है 15 से 20 चुनरी
पठान कोट निवासी रुखसाना, रूबी, सोनिया ने बताया कि माता की चुनरी बनाने से ही परिवार का खर्च नहीं चल पाता। बल्कि माता की चुनरी में गोटा लगाकर सजावट करने में रुचि है। एक चुनरी तैयार करने पर मात्र आठ से दस रुपये मिलते हैं। चुनरी बनाने में करीब एक घंटा लगता है। यानी परिवार का एक सदस्य पूरे दिन में दस या 15 से 20 चुनरी तैयार कर पाता है।

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