{"_id":"63384133d061476ae864e6ea","slug":"navratri-2022-muslim-women-are-rooting-the-stars-of-harmony-in-chunari-of-devi-maa-in-baghpat","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Navratri 2022: नवरात्र में सौहार्द के सितारे जड़ रहीं ये मुस्लिम महिलाएं, तस्वीरें देख आप भी करेंगे तारीफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Navratri 2022: नवरात्र में सौहार्द के सितारे जड़ रहीं ये मुस्लिम महिलाएं, तस्वीरें देख आप भी करेंगे तारीफ
मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Sat, 01 Oct 2022 07:02 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
देवी मां की चुनरी तैयार करती मुस्लिम महिलाएं।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
नवरात्र पर मां के शृंगार के लिए मुस्लिम महिलाएं भी पूरी तन्मयता से योगदान दे रही हैं। मां की चुनरिया को आकर्षक बनाने के लिए उसमें गोटे और सितारे जड़ने की जिम्मेदारी मुस्लिम महिलाओं ने उठाई है। यह उनके लिए न सिर्फ एक रोजगार है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए आपसी सौहार्द का संदेश भी है।
पठान कोट मोहल्ले में करीबन 900 मुस्लिम परिवार रहते हैं। खास यह है कि इनमें से करीब 400 परिवार ऐसे हैं, जो नवरात्र शुरू होने से करीब एक माह पहले नवरात्रों में नौ दिन अलग-अलग स्वरूपों में पूजे जाने वाली माता की चुनरी बनाने में जुट जाते हैं। घर की महिलाएं, युवतियां, बच्चे, बूढे़ और जवान सुबह से शाम तक चुनरी तैयार करते रहते हैं।
2 of 6
देवी मां की चुनरी तैयार करती मुस्लिम महिला।
- फोटो : amar ujala
इनके हाथों से बनी चुनरी की मांग उत्तर प्रदेश के अलावा सोनीपत, दिल्ली, लोनी, उत्तराखंड आदि अन्य राज्यों में है। यहां बनने वाली चुनरी बागपत के अलावा हरिद्वार में चंडी देवी, मंसा देवी के दरबार तक भी जाती है।
3 of 6
मुस्लिम महिला।
- फोटो : amar ujala
मां तो मां होती है, धर्म से क्या लेना
मल्लिका और उसका परिवार पिछले डेढ़ दशक से मां की चुनरी तैयार कर रहा है। इससे उनका घर तो चलता ही है, साथ ही इस तरह के कार्य से कौमी एकता कायम होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
देवी मां की चुनरी तैयार करती मुस्लिम महिला।
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा गुलफसा और फरीन का कहना है कि मां तो मां होती है, मां का धर्म से क्या लेना। इसलिए कभी ऐसा नहीं लगा कि मुस्लिम होकर मां दुर्गा की चुनरी क्यों तैयार करते हैं। दिलशाना और कोशर का कहना है कि आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए यह मिसाल उन लोगों के लिए अच्छा उदाहरण है, जो दोनों वर्गों में जहर खोलकर झगड़ा कराने की कोशिश करते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
देवी मां की चुनरी तैयार करती मुस्लिम महिला।
- फोटो : amar ujala
पूरे दिन में तैयार होती है 15 से 20 चुनरी
पठान कोट निवासी रुखसाना, रूबी, सोनिया ने बताया कि माता की चुनरी बनाने से ही परिवार का खर्च नहीं चल पाता। बल्कि माता की चुनरी में गोटा लगाकर सजावट करने में रुचि है। एक चुनरी तैयार करने पर मात्र आठ से दस रुपये मिलते हैं। चुनरी बनाने में करीब एक घंटा लगता है। यानी परिवार का एक सदस्य पूरे दिन में दस या 15 से 20 चुनरी तैयार कर पाता है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।