उत्तराखंड के नानकमत्ता से दर्शन कर लौटते समय हुए बस हादसे से बरेली के चौपला में रहने वाली जमुना की दुनिया ही उजड़ गई। मौसा, मामा और अन्य रिश्तेदारों के साथ धार्मिक यात्रा पर निकली जमुना की बेटी दुर्गा की जान चली गई। रिश्तेदारों का कहना है कि जमुना के बेटे के मौत करीब छह माह पूर्व होली के आसपास हादसे में हुई थी। अब सिर्फ एक बेटी ही सहारा बची है।
बरेली के श्रद्धालुओं की बस बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे अनियंत्रित होकर पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र में बरेली-हरिद्वार हाईवे पर पलट गई। हादसे में बस में सवार दुर्गा (18 वर्ष) की मौत हो गई। जबकि 20 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। बस में करीब 60 श्रद्धालु सवार थे।
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बेटी की मौत से बेसुध हुई जमुना
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पिता-भाई की भी हो चुकी है मौत
हादसे की खबर सुनकर करीब 4:30 बजे जहानाबाद सीएचसी पहुंची जमुना बेटी दुर्गा का शव देख पछाड़ खाकर गिर गईं। बेसुध हालत में रिश्तेदारों ने उन्हें जैसे तैसे संभाला। मृतका दुर्गा की मौसी ने रोते बिलखते बताया कि दुर्गा का भाई भी नहीं है। करीब छह महीने पहले होली के आसपास ही उसके भाई की भी हादसे में मौत हो गई थी। पिता की मौत पूर्व में हो चुकी है।
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बदहवास जमुना को संभालते परिजन
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दुर्गा की मां जमुना घरों में काम कर परिवार का भरण पोषण करती हैं। मृतका के रिश्तेदार ने बताया कि वे लोग मंगलवार को घर से निकले थे। गिरिजा देवी, हनुमान धाम और नानकमत्ता दर्शन कर वापस जा रहे थे। मृतका दुर्गा के परिवार में अब उसकी मां जमुना और छोटी बहन है। बहन भी सभी के साथ गई थी।
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बरेली-हरिद्वार हाईवे पर हुआ बस हादसा
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20 से अधिक श्रद्धालु घायल
बताया जा रहा है कि दुर्गा परिचालक सीट के पास बैठी थी। बस पलटी तो सीट के बीच फंसकर उसकी जान चली गई। हादसे में बरेली के ही नन्हे पुत्र सोहनलाल, रमेश, अर्जुन, मनोज, प्रीति, वरुण, गीता, अनीता, विशाल, दिनेश, जमुना, ऋतिक आदि 20 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं।
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हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम
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श्रद्धालु बोले- चालक ने शराब पी रखी थी
हरिद्वार हाईवे पर बस पलटने के हादसे के बारे में श्रद्धालुओं ने बताया कि चालक ने शराब पी रखी थी। इसी वजह से हादसा हुआ। बस खाई में चली गई। हालांकि पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है।