खेत में हर तरह की फसल उगाई जाती है यह ताे सभी काे पता है पर क्या किसी काे पता है कि खेत में शराब भी पैदा हाेती है। जनाब ये बात हम नहीं कह रहे हैं। यूपी के उन्नाव जिले में एक खेत में शराब फैक्ट्री में मिलावटी शराब तैयार करके पूरे प्रदेश में भेजी जाती थी। पुलिस ने इस शराब फैक्ट्री का भांडा फाेड़ा है।
यहां खेत में फसल नहीं तैयार हाेती थी शराब, फिर पूरे प्रदेश में हाेती थी सप्लाई
उन्नाव के माखी थानाक्षेत्र के खुमानखेड़ा गांव निवासी रामधनी तिवारी के खेत में पड़ी झोपड़ी में काफी समय से मिलावटी शराब बनाने का धंधा चल रहा था। यहां बनी शराब भदनी गांव निवासी सरोज सिंह के ढाबे से सप्लाई होती थी। दो कारों और एक बाइक से शराब की सप्लाई की जाती थी। खेत मालिक को हर महीने दस हजार रुपये किराया मिलता था।
ढाबा संचालक इस अवैध कारोबार में हिस्सेदार था। एथाइल अल्कोहल, कलर केमिकल व पानी के मिश्रण से शराब तैयार होती थी। शीशियों पर ब्रांडेड कंपनियों के रैपर लगाकर बिक्री की जाती थी। पुलिस टीम ने 12 पेटी विंडीज ब्रांड के 540 पौव्वा, 3285 खुले व बंद पाउच, दो ड्रम मिलावटी शराब, दो ड्रमों में 80 लीटर एथाइल अल्कोहल, 2500 प्लास्टिक की खाली शीशी और विंडीज ब्रांड के रैपर बरामद किए हैं।
आरोपियों के पास से तीन तमंचा और 12 कारतूस भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक इस शराब की सप्लाई हरदोई, संडीला, कानपुर देहात, कन्नौज, लखनऊ, फतेहपुर और रायबरेली सहित अन्य जिलों को आपूर्ति होती थी। मौके से एथाइल अल्कोहल, स्प्रिट, कलर केमिकल के साथ ही भारी मात्रा में नामी कंपनियों के डुप्लीकेट रैपर व उपकरण मिले हैं। कारोबारी मिलावटी शराब आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे।
मिलावटी शराब के कारोबार में पुलिस ने शहर के शराब मिल निवासी मुकेश पासी, फतेहपुर चौरासी के उरहनखेड़ा निवासी सुधीर सिंह, हिंदूपुर निवासी विनोद कुमार निषाद, गांधीनगर के विजयदीप, औरास के रामपुर गड़ौहा निवासी अखिलेश, व पंकज, माखी थाना के भदनी गांव निवासी सरोज सिंह के अलावा कन्नौज जिले के मड़हरपुर निवासी मुईद सिद्दीकी।