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गोरखपुरः 42 सालों में ठंड का टूटा रिकार्ड, पूरे दिन छूटती रही कंपकंपी
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Fri, 27 Dec 2019 01:52 PM IST
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ठंड में रेलवे स्टेशन पर कंपकंपाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
शहर में ठंड का पिछले 42 साल का रिकार्ड टूट गया। बृहस्पतिवार को दिन का तापमान पिछले 42 साल के दौरान सबसे कम 11.4 डिग्री रहा। जो सामान्य से करीब 13 डिग्री कम था। कड़ाके की ठंड के बाद शुक्रवार सुबह को धूप निकल आई। इससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। बीते दिनों भीषण गलन की वजह से सुबह से शाम तक लोग कंपकंपाते रहे। पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए और कोहरा छाया रहा। न्यूनतम तापमान भी 5.4 डिग्री ही रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी तीन-चार इस ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है।
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गोरखपुर में मौसम साफ नजर आया।
- फोटो : अमर उजाला
पिछले कुछ दिनों से चल रही शीतलहर बृहस्पतिवार को भी जारी रही। पहाड़ों में बर्फबारी के बाद राजस्थान की ओर चल रही पछुवा हवा ने गोरखपुर में कंपकंपी छुड़ा दी। सुबह से ही हाड़ कपा देने वाली ठंड शुरू हो गई। दिन चढ़ने के बाद भी कोई राहत नहीं मिली। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि आने वाले तीन चार दिन कड़ाके इस ठंड से राहत की उम्मीद भी नहीं है। न्यूनतम पारा चार डिग्री तक पहुंच सकता है।
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कोहरे के कारण छाया अंधेरा
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत के उत्तरी इलाकों की ओर आने वाली सर्द हवाएं, ठंडी में इजाफा कर रही हैं। हिमालय क्षेत्र में जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इस सप्ताह भी बर्फ बारी हो रही है। इसकी वजह से रात के तापमान में दो से चार डिग्री तक की गिरावट का अनुमान है।
शुक्रवार को गोरखपुर में मौसम साफ नजर आया।
- फोटो : अमर उजाला
घरों में दुबके रहे लोग, अलाव का सहारा
बृहस्पतिवार सुबह से दोपहर तक सड़क पर कर्फ्यू सा नजारा था। कुछ सूर्यग्रहण का भी असर था, लेकिन अधिकांश लोग कड़कड़ाती ठंड की वजह से घरों में कैद रहे। किसी ने अलाव का सहारा लिया तो कई ने घरों में रजाई में दुबके रहना ही बेहतर समझा।
बृहस्पतिवार सुबह से दोपहर तक सड़क पर कर्फ्यू सा नजारा था। कुछ सूर्यग्रहण का भी असर था, लेकिन अधिकांश लोग कड़कड़ाती ठंड की वजह से घरों में कैद रहे। किसी ने अलाव का सहारा लिया तो कई ने घरों में रजाई में दुबके रहना ही बेहतर समझा।
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धूप निकलने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले 2011 में अधिकतम तापमान हुआ था 12.1
हाल के वर्षों की बात करें तो 2011 में दिन का तापमान लुढ़ककर 12.1 डिग्री पहुंचा था। लेकिन बृहस्पतिवार को यह रिकॉर्ड धराशायी हो गया। पछुवा हवा की रफ्तार पूरे दिन 10 किलोमीटर के आसपास बनी रही है।
कुछ यूं रहा पिछले 20 वर्षों के दिसंबर में अधिकतम तापमान
वर्ष तारीख तापमान
2000 31 19.0
2001 25 17.6
2002 18 15.2
2003 30 16.4
2004 30 13.6
2005 27 18.2
2006 29 22.6
2007 31 15.5
2008 31 21.9
2009 18 16.9
2010 30 20.4
2011 21 12.1
2012 20 13.8
2013 22 17.8
2014 30 13.9
2015 18 22.1
2016 30 14.6
2017 27 17.0
2018 28 21.0
2019 26 11.4
हाल के वर्षों की बात करें तो 2011 में दिन का तापमान लुढ़ककर 12.1 डिग्री पहुंचा था। लेकिन बृहस्पतिवार को यह रिकॉर्ड धराशायी हो गया। पछुवा हवा की रफ्तार पूरे दिन 10 किलोमीटर के आसपास बनी रही है।
कुछ यूं रहा पिछले 20 वर्षों के दिसंबर में अधिकतम तापमान
वर्ष तारीख तापमान
2000 31 19.0
2001 25 17.6
2002 18 15.2
2003 30 16.4
2004 30 13.6
2005 27 18.2
2006 29 22.6
2007 31 15.5
2008 31 21.9
2009 18 16.9
2010 30 20.4
2011 21 12.1
2012 20 13.8
2013 22 17.8
2014 30 13.9
2015 18 22.1
2016 30 14.6
2017 27 17.0
2018 28 21.0
2019 26 11.4