मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए डकैत कुसुमा ने अपनाया ये तरीका
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कभी बीहड़ में आतंक और खौफ के लिए जाने वाले डकैत बाबा फक्कड़ और कुसमा नाइन इन दिनों ज्यादा से ज्यादा समय पूजा-पाठ में देते हैं। नवरात्र में पूजा के लिए कलश स्थापना की है। कानपुर जेल के अधीक्षक वीके मिश्र ने बताया कि व्रत रखने वाले बंदियों को फलाहार के रूप में सुबह और शाम आधा किलो आलू, एक पाव दूध, 45 ग्राम गुड़ और दो केले दिए जा रहे हैं।
बंदियों ने 20 स्थानों पर कलश स्थापना की है। कई बैरक में ढोलक और मंजीरों के साथ भजन-कीर्तन भी हो रहा है। फक्कड़ बाबा और कुसुमा नाइन पर इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर और मध्यप्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। ज्यादातर मुकदमों में फैसले भी आ गए हैं।
कभी डकैतों के गुरु के नाम से मशहूर रामआसरे तिवारी उर्फ फक्कड़ बाबा भी जिला जेल में बंद हैं। जेल में अब उनकी पहचान आदर्श बंदी के रूप में बन चुकी है। इसके लिए जेल प्रशासन उन्हें कई बार सम्मानित भी कर चुका है।
कुसुमा नाइन कभी बेहद कुख्यात थीं। वह जिंदा लोगों की आंखे तक निकाल लेती थी। जेल अधीक्षक बताते है कि उसका ज्यादातर टाइम पूजा-पाठ और व्रत रहने में ही कटता है। अनपढ़ होने के कारण वह दूसरे बंदियों से बारी-बारी रामायण और गीता पढ़वाकर सुनती हैं। कोई भी व्रत वह नहीं छोड़तीं।