{"_id":"604c44437bf6ef1431339318","slug":"ghatampur-gang-misdeed-case-threat-to-kill-the-victim-s-grandfather","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सजेती कांड : सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के दादा को मिली जान से मारने की धमकी, केस वापस लेने का दबाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सजेती कांड : सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के दादा को मिली जान से मारने की धमकी, केस वापस लेने का दबाव
Sat, 13 Mar 2021 10:27 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 13 Mar 2021 10:27 AM IST
विज्ञापन
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सजेती कांड में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के दादा को जान से मारने की धमकी मिली है। केस वापस न लेने पर पीड़िता के पिता की तरह अंजाम भुगतने की बात कहकर धमकाया गया है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी समेत पुलिस अफसरों को इस बारे में जानकारी देकर तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : amar ujala
पीड़िता के दादा ने बताया कि उनको जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता के दादा ने जो शिकायत की है उसमें यह साफ नहीं बताया है कि धमकी कौन और कैसे दे रहा है। शिकायत में बस यह लिखा है कि समझौता करके केस खत्म करने को तरह-तरह से धमकियां मिल रही हैं।
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
ट्रक ने उलझाया पूरा केस, पुलिस भी परेशान
पीड़िता के पिता को कुचलने वाला ट्रक खोजना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। इसलिए केस उलझ गया है। जिस ट्रक को पुलिस ने पकड़ा, उससे हादसा नहीं हुआ था। अब उसके आगे पीछे चलने वाले ट्रकों की तलाश की जा रही है। एसपी ग्रामीण का कहना है कि टोल प्लाजा से वारदात के करीब आधे घंटे बाद से एक घंटे बाद तक गुजरने वाले ट्रकों का ब्योरा लिया गया है। एक-एक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हत्यारोपी दरोगा फरार है। उसके मोबाइल भी बंद हैं। उसके परिजनों को पुलिस ने उठाया है।
पीड़िता के पिता को कुचलने वाला ट्रक खोजना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। इसलिए केस उलझ गया है। जिस ट्रक को पुलिस ने पकड़ा, उससे हादसा नहीं हुआ था। अब उसके आगे पीछे चलने वाले ट्रकों की तलाश की जा रही है। एसपी ग्रामीण का कहना है कि टोल प्लाजा से वारदात के करीब आधे घंटे बाद से एक घंटे बाद तक गुजरने वाले ट्रकों का ब्योरा लिया गया है। एक-एक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हत्यारोपी दरोगा फरार है। उसके मोबाइल भी बंद हैं। उसके परिजनों को पुलिस ने उठाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
पंचर बनाने वाले ने कहा..मैंने घटना नहीं देखी
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को चिन्हित किया था, जो हादसे के वक्त घटनास्थल के आसपास मौजूद थे। इसमें एक चाय वाला, तीन सफाईकर्मी, पंचर बनाने वाला और खुद मृतक का चचेरा भाई शामिल है। अफसरों ने इन सभी से पहले फौरीतौर पर पूछताछ की थी। शुक्रवार को पुलिस ने पंचर बनाने वाले के बयान लिए तो उसका कहना था कि घटना उसने देखी ही नहीं। डीआईजी ने बताया कि अन्य सभी के बयान लिए जा रहे हैं। कुछ ने घटना देखने की बात कही है। मृतक के चचेरे भाई के बयान बेहद अहम हैं जिसने खुदकुशी की बात कही थी।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को चिन्हित किया था, जो हादसे के वक्त घटनास्थल के आसपास मौजूद थे। इसमें एक चाय वाला, तीन सफाईकर्मी, पंचर बनाने वाला और खुद मृतक का चचेरा भाई शामिल है। अफसरों ने इन सभी से पहले फौरीतौर पर पूछताछ की थी। शुक्रवार को पुलिस ने पंचर बनाने वाले के बयान लिए तो उसका कहना था कि घटना उसने देखी ही नहीं। डीआईजी ने बताया कि अन्य सभी के बयान लिए जा रहे हैं। कुछ ने घटना देखने की बात कही है। मृतक के चचेरे भाई के बयान बेहद अहम हैं जिसने खुदकुशी की बात कही थी।
विज्ञापन
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
पांच मिनट पहले गुजरा था एक सिपाही
पुलिस अफसरों ने जब सीसीटीवी फुटेज निकाले तो पता चला कि एक सिपाही भी वहां से ठीक पांच मिनट पहले बाइक से गुजरा था। अफसरों ने उससे संपर्क कर ट्रक के बारे में जानकारी ली लेकिन वो कुछ बता नहीं सका। ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन से भी पुलिस को कुछ खास मदद नहीं मिल सकी है।
पुलिस अफसरों ने जब सीसीटीवी फुटेज निकाले तो पता चला कि एक सिपाही भी वहां से ठीक पांच मिनट पहले बाइक से गुजरा था। अफसरों ने उससे संपर्क कर ट्रक के बारे में जानकारी ली लेकिन वो कुछ बता नहीं सका। ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन से भी पुलिस को कुछ खास मदद नहीं मिल सकी है।
पीड़ित परिजनों ने धमकी देने के मामले की शिकायत की है। तहरीर मिली है। कुछ संदिग्ध लोगों के नाम बताए हैं। जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी गई है। गांव में भी पुलिस बल की तैनाती है। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी ग्रामीण