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UP: डॉक्टर नहीं, 12वीं पास वार्ड बॉय निकला रोहित तिवारी, किडनी ट्रांसप्लांट की लेता था पूरी जिम्मेदारी; खुलासा

अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: Sharukh Khan Updated Tue, 14 Apr 2026 04:00 PM IST
सार

कानपुर शहर में अवैध तरीके से हुए किडनी ट्रांसप्लांट मामले में फरार मास्टरमाइंड रोहित तिवारी एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं बल्कि 12वीं पास वार्ड बॉय निकला। डॉक्टर रोहित तिवारी किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी जिम्मेदारी लेता था।

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Kanpur Kidney case Dr. Rohit Tiwari take full responsibility for kidney transplants
Kanpur Kidney case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कानपुर शहर में अवैध तरीके से हुए किडनी ट्रांसप्लांट मामले में फरार मास्टरमाइंड रोहित तिवारी ने पुलिस पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। कानपुर के किडनी ट्रांसप्लांट के पूरे प्रबंधन की जिम्मेदारी रोहित तिवारी लेता था। वह डोनर और रिसीवर को लाने, उनको ठहराने और सर्जरी करने वाली टीम को रकम पहुंचाता। इसके लिए मिलने वाली रकम का 50 से 60 फीसदी हिस्सा स्वयं रखता। रोहित ने राहुल और बिलग्राम के शिवम यादव का नाम भी कबूला है जिनकी तलाश की जा रही है।


डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक रोहित तिवारी से पूछताछ में पता चला कि उसकी 2016 तक डॉ. वैभव, डॉ. अफजल, मुदस्सर अली सिद्दीकी से जानपहचान हो गई थी। उनके सहयोग से एनसीआर के कुछ अस्पतालों में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट हुए। 
 
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Kanpur Kidney case Dr. Rohit Tiwari take full responsibility for kidney transplants
किडनी ट्रांसप्लांट मामले में गिरफ्तार ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार - फोटो : पुलिस
डॉ. वैभव की एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल से जान पहचान थी जिसकी वजह से रोहित और वैभव के बीच दोस्ती हो गई। शिवम ने उसे कानपुर के नर्सिंगहोम में किडनी ट्रांसप्लांट करने का न्योता दिया। कहा कि कुछ मरीजों को किडनी की आवश्यकता है। वह मुंह मांगी रकम देने के लिए तैयार हैं। 

 
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Kanpur Kidney case Dr. Rohit Tiwari take full responsibility for kidney transplants
आरोपी शिवम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनसे बातचीत कर सर्जरी की जा सकती है। रोहित तिवारी ने ट्रांसप्लांट की जिम्मेदारी ली। 2023 में विवेल नाम के नर्सिंगहोम में ट्रांसप्लांट की योजना बनी लेकिन किसी कारण से सर्जरी नहीं हो सकी। उसके बाद कल्याणपुर के आंबेडकरपुरम क्षेत्र के आरोही हॉस्पिटल में पहला ट्रांसप्लांट हुआ। यहां के बाद मेडिलाइफ हॉस्पिटल और आहूजा हॉस्पिटल में आठ ऑपरेशन किए गए।

 
Kanpur Kidney case Dr. Rohit Tiwari take full responsibility for kidney transplants
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हर ट्रांसप्लांट में डॉक्टरों की टीम लाने, सर्जरी करने और दवाएं लाने की जिम्मेदारी रोहित की रहती थी। रोहित की मुलाकात राहुल नाम के युवक ने अली से कराई थी। राहुल, अली को सर्जरी का मास्टरमाइंड बताता था। ट्रांसप्लांट करने में अली का नाम सामने आ रहा है। पुलिस को जांच पता चला कि वह ओटी मैनेजर है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। 
 
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डॉ. प्रीति आहूजा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रांसप्लांट के लिए दवाएं और उपकरण रखने की जिम्मेदारी शिवम यादव की थी। यह भी बिलग्राम का रहने वाला है और रोहित के बचपन का दोस्त है। पुलिस राहुल और शिवम यादव की तलाश कर रही है। रोहित तिवारी हर ऑपरेशन के 50 से 60 फीसदी रकम खुद रखा करता था। उसने पारुल वाले मामले में भी 25 लाख रुपये लिए थे।

 
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