{"_id":"5b9e3f86867a557ec15a46a3","slug":"know-about-interesting-facts-related-to-rudraksha","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"खुद विराजते हैं भूतनाथ, करता है सभी दुखों का नाश, जानिए आस्था से जुड़े इस 'अमूल्य मोती' के बारे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुद विराजते हैं भूतनाथ, करता है सभी दुखों का नाश, जानिए आस्था से जुड़े इस 'अमूल्य मोती' के बारे में
प्रतीक मिश्रा, कानपुर
Updated Sun, 16 Sep 2018 05:43 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आप सभी रुद्राक्ष के बारे में तो जानते ही होंगे, एक मुखी से लेकर चौदाह मुखी रुद्राक्ष विश्व भर में पाया जाता है। रुद्राक्ष में भगवान शिव का प्रत्यक्ष वास होता है। कानपुर के पंडित विजय पांडे एक मुखी से लेकर चार मुखी रुद्राक्ष से जुड़ी कुछ रोचक बातों से अवगत कराएंगे।
डेमो पिक
एक मुख वाले रुद्राक्ष में एक प्रकृतिक धारी होती है और इसे परब्रह्म माना जाता है। एक मुखी रुद्राक्ष के बारे में कहा गया है कि इसके दर्शन मात्र से ही मानव का कल्याण हो जाता है। एक मुखी रुद्राक्ष ब्रह्म हत्या जैसे महापाप को नष्ट करता है। जिस घर में यह होता है उस घर में लक्ष्मी विशेष रूप से विराजमान होती है। इसे धारण करने वाला व्यक्ति सभी तरह के नुकसान तथा डर से दूर रहता है। एक मुख वाला रुद्राक्ष सर्वोत्तम, सर्वमनोकामना-सिद्धि, फलदायक और मोक्षदाता है। एक मुखी रुद्राक्ष बहुत ही दुर्लभ होता है, यह अर्द्ध चंद्रकार या काजू के आकार का होता है। इसे गुल्लक में रखने से गुल्लक कभी खाली नहीं रहती।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- दो मुखी रुद्राक्ष के बारे में...
आगे की स्लाइड में पढ़ें- दो मुखी रुद्राक्ष के बारे में...
डेमो पिक
दो मुखी रुद्राक्ष में दो धरियां होती हैं। यह अर्द्ध-नारीश्र्वर का स्वरूप है, शिव और शक्ति का रुप है। इसे धारण करने वाले से भगवान शिव और माता पार्वती दोनों प्रसन्न रहते हैं। दो मुखी रुद्राक्ष गोहत्या के पाप से मुक्ति दिलाता है और यह दिमाग को संतुलित रखता है। इसको पहनने से मनुष्य की बुद्धि जाग्रत होती है और घर में सुख शांति बनी रहती है। इसे धारण करने से पति-पत्नी के बीच एकात्मय भाव पैदा होता है। यह व्यापार आदि के क्षेत्र में सफलता दिलाता है। दो मुखी रुद्राक्ष सांसारिक समृद्धि की प्राप्ति कराता है और घर से क्लेश कारण खत्म करता है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- तीन मुखी रुद्राक्ष के बारे में...
आगे की स्लाइड में पढ़ें- तीन मुखी रुद्राक्ष के बारे में...
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमो पिक
तीन मुखी रुद्राक्ष में तीन धारियां होती हैं। इसे अग्नि का स्वरूप माना जाता है। यह सत्य, रजा और तम का निगुणात्मक शक्ति रूप है। इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों शक्तियों का समावेश तो है ही, इसके साथ-साथ इसमें तीनों लोक आकाश, पृथ्वी और पाताल की भी तीनों शक्तियां निहित होती हैं। यह मानव को त्रिकालदर्शी बनाकर भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में बताता है। इसका धारण करने से व्यक्ति की विध्वंसात्मक प्रकृति का ह्रास होता है और रचनात्मक प्रवृत्ति पैदा होती है, इसलिए यह अध्ययन कार्य में मददगार है। यह धारक या पूजक के सभी पापों का नाश कर उसे तेजस्वी बनाता है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- चार मुख वाले रुद्राक्ष के बारे में...
आगे की स्लाइड में पढ़ें- चार मुख वाले रुद्राक्ष के बारे में...
विज्ञापन
डेमो पिक
चार मुख वाले रुद्राक्ष में चार धारियां होती हैं। यह चतुर्मुख ब्रह्मा का स्वरूप और चारों वेदों का रूप माना गया है। यह मनुष्य को अर्थ और मोक्ष देने वाला है। यह चारों आश्रम ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और सन्यास के माध्यम से पूजित तथा परम वन्दनीय है। इसको धारण करने वाला व्यक्ति आरोग्यवान तथा ज्ञानवान बन जाता है। चार मुख वाला रुद्राक्ष वृद्धि दाता है, जिस बालक का मन पढ़ने में न लगता हो या वह बोलने में अटकता हो उसके लिए यह सर्वोत्तम है। इसे धारण करने से मानसिक रोगों से शांति मिलती है तथा स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।