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अनोखे अंदाज में इस्तीफा, अंशुल थे अंशुल ही रहेंगे चौकीदार न कहेंगे, बात सीएम योगी से उस शिकायत की भी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 27 Mar 2019 07:35 PM IST
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सांसद अंशुल वर्मा
टिकट कटने के बाद सोशल मीडिया पर हरदोई जिले से सदर सांसद अंशुल वर्मा की टिप्पणी से दिखी असंतोष की चिंगारी बुधवार को आग बन गई। टिकट काटे जाने से नाराज भाजपा सांसद अंशुल वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैं भी चौकीदार अभियान पर तंज कसते हुए अनोखे अंदाज में इस्तीफा दिया। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में तैनात चौकीदार को बुधवार सुबह राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को संबोधित इस्तीफा सौंपने के कुछ घंटे बाद ही अंशुल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और महासचिव आजम खां की मौजूदगी में साइकिल पर सवार हो गए।
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सांसद अंशुल वर्मा
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर हरदोई से सांसद चुने गए अंशुल वर्मा का टिकट भाजपा ने काट दिया था। 21 मार्च की देर शाम जारी हुई 182 प्रत्याशियों की सूची में हरदोई से पूर्व सांसद जयप्रकाश को प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद से अंशुल वर्मा चुप्पी साधे हुए थे। 24 मार्च की शाम उन्होंने सुब्रमण्यम स्वामी की फेसबुक पोस्ट पर टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी में उन्होंने कहा था कि जिंदगी में पहले कभी चौकीदार को एसपीजी घेरे में नहीं देखा। सोशल मीडिया पर की गई इस टिप्पणी को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बुधवार को अंशुल वर्मा ने किसी का नाम लिए बिना ही मुखर होते हुए इस्तीफा दे दिया।
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सांसद अंशुल वर्मा
अंशुल वर्मा ने कहा कि टिकट कटने के बाद से वह इसका कारण पूछने के लिए लगातार पदाधिकारियों से वार्ता करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन न तो किसी ने फोन पर बात की और न ही मिलने का समय दिया। उन्होंने बताया कि वह समाजवादी पार्टी में बिना शर्त शामिल हुए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें और उनके समाज को पार्टी में सम्मान देने की बात कही है। एक सवाल के जवाब में अंशुल वर्मा ने कहा कि अगर पार्टी उन्हें चुनाव लड़ाएगी तो वह इनकार नहीं करेंगे, लेकिन टिकट को लेकर कोई बात नहीं हुई है।
सांसद अंशुल वर्मा
सदर अंशुल वर्मा ने टिकट वितरण के मापदंड पर सवाल उठाए। अंशुल ने कहा कि अपने लोकसभा क्षेत्र में 24 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। लगभग सभी सांसदों ने इतने ही बजट के विकास कार्य कराये होंगे, लेकिन टिकट काटने की कोई वजह नहीं बताई गई। अंशुल वर्मा का दावा है कि पार्टी ने कहा था कि सांसद के प्रदर्शन के आधार पर टिकट का फैसला होगा। उन्होंने दावा कि 94 फीसद संसद में उपस्थित रहे, जनता के बीच उपस्थिति 95 फीसद रही और 24 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। इसके बाद भी टिकट कट जाना अंशुल वर्मा के गले नहीं उतरा।
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सांसद अंशुल वर्मा
सदर सांसद अंशुल वर्मा ने कहा कि हरदोई में एक भाजपा नेता ने पासी बिरादरी के लोगों का सम्मेलन किया था। सम्मेलन में लंच पैकेट में शराब बटवाई गई थी। अंशुल वर्मा ने इसे पासी समाज का उपहास बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इस पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को अंशुल वर्मा ने कहा कि जिस पार्टी में हमारे समाज का उपहास उड़ाए जाने पर भी कुछ नहीं होता, वहां रहना ठीक भी नहीं था। उन्होंने कहा कि सिर्फ टिकट कटना ही नाराजगी का कारण नहीं है, बल्कि पासी समाज का उपहास उड़ाए जाने पर कोई कार्रवाई न होना भी वजह है।