साढे पांच लाख के इनामी कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग के तीन सदस्यों को पुलिस ने मंगलवार को व्यापारी के अपहरण की घटना को अंजाम देने से पहले दबोच लिया है। इनके कब्जे से तमंचा कारतूस चाकू व नगदी बरामद हुई है। पकड़े गये सदस्यों में डाकू बबुली कोल की मौसी का लड़का भी शामिल है। यह सब सतना मप्र के एक पान व्यापारी का अपहरण करने के लिए मंगलवार को तड़के सतना बस स्टैंड पहुंचे थे।
नौकरी छोड़ कुख्यात डाकू की गैंग में शामिल हुए 3 दोस्त, पुलिस के सामने किया ये बड़ा खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट जिले के कई क्षेत्रों में कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग का आतंक है। गैंग अक्सर जिले के सीमावर्ती मप्र इलाके के कई थानाक्षेत्रों में वारदात को अंजाम दे चुका है। हाल ही में तेेंदूपत्ता तोड़ान के दौरान फड़ मुंशियों को धमकाकर लाखों रुपये वसूले थे। अब सतना शहर के अंदर से एक नामी पान व्यापारी का अपहरण कर लाखों रुपये फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी। पुलिस अधीक्षक सतना राजेश हिंगड़कर ने मंगलवार को बताया कि व्यापारी के अपहरण की योजना की जानकारी पुलिस को मिली थी। जिसमें दो टीेमें बनाकर आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- बबुली की मौसी के लड़के हैं तीनों...
मंगलवार तड़के सतना बस स्टैंड के पास मारकुंडी थाना क्षेत्र के डोडामाफी निवासी राजेश कोल पुत्र कामता धारकुंडी थानाक्षेत्र वीरपुर निवासी छोटू उर्फ नारायण गुप्ता और कोलगवा थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी विनय सेन को पकड़ा गया है। इनके कब्जे से तमंचा कारतूस, चाकू तीन मोबाइल व साढे़ चार हजार रुपये बरामद किये गये हैं। तीनों में राजेश डाकू बबुली कोल की मौसी का लड़का है।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः-तीनों पुणे में नौकरी करते थे...
पुलिस के अनुसार यह तीनों आपस में दोस्त भी हैं। तीनों पुणे की एक मारबल कंपनी में नौकरी करते थे। कुछ महीने पहले नौकरी छोड़कर तीनों यही रहने लगे। राजेश के माध्यम से छोटू व विनय पंद्रह दिन पूर्व डाकू बबुली कोल व लवलेश से जंगल में मिले थे। तीनों ने बबुली के कहने पर ही सतना के पान व्यापारी का अपहरण कर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। फिरौती में तीनों को हिस्सा देने की बात कहीं गई थी। योजना के मुताबिक तीनों दो दिन से सतना में व्यापारी की दुकान व घर के आसपास रेकी कर रहे थे। तीनों की योजना थी कि मौका मिलते ही किराए की बोलेरो लेेकर व्यापारी को बेहोशी की दवा सुंघाएंगे। इसके बाद जंगल ले जाकर डाकू गैंग के हवाले कर देंगे।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः-ऐसे बनाई पान व्यापारी के अपहरण की बनाई योजना...