दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर मंगलवार तड़के फफूंद और पाता के बीच पूर्वा एक्सप्रेस के आरक्षित कोच का बैटरी बॉक्स स्लीपर से टकरा गया। इससे ट्रैक की गिट्टी डाउन लाइन पर उसी वक्त गुजर रही ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस के इंजन के केबिन में जा लगी। केबिन का शीशा चकनाचूर हो गया, लेकिन चालक बाल-बाल बच गया। संयोग से दोनों ट्रेनें पटरी से उतरने से बच गई।
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पटरी पर सैकड़ाे किलाेमीटर की रफ्तार से दाैड़ रही थी ट्रेन फिर टकराया बैटरी बॉक्स
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 21 Mar 2018 08:04 AM IST
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डेमाे पिक
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दिल्ली - हावड़ा रेल मार्ग पर मंगलवार सुबह तकरीबन 5:45 बजे रेलवे स्टेशन फफूंद से 12303 अप पूर्वा एक्सप्रेस गुजरी। पाता पहुंचने से पहले खंभा नंबर 1105/24 पर एक स्लीपर कोच के नीचे लगा बैटरी बॉक्स खुलकर नीचे पटरी से टकराकर गिर गया। इससे गिट्टियां उछलीं और डाउन लाइन से उसी वक्त गुजर रही 14056 डाउन ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस के इंजन के दाईं ओर लगे शीशे से टकरा गईं। इससे शीशे टूट गए।
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अचानक शीशा टूटने से ड्राइवर हड़बड़ा गया। पाता स्टेशन पर छह बजे रुकी पूर्वा एक्सप्रेस से जीआरपी सिपाही उतरे और गाड़ी को चेक किया, लेकिन कुछ मिला नहीं। सुबह लगभग छह बजे फफूंद रेलवे स्टेशन पर रुकी ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस के ड्राइवर राजनारायण ने घटना की जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। रेलवे स्टेशन फफूंद से ट्रैफिक इंस्पेक्टर बीके मीना के साथ रेलवे स्टाफ और आरपीएफ सिपाही मौके पर पहुंचे।
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उन्हें ट्रैक पर बैटरी बॉक्स पड़ा मिला। हालांकि बैटरी बॉक्स स्लीपर से टकराने के बावजूद भी पूर्वा एक्सप्रेस के किसी रेलवे स्टेशन पर रुकने की सूचना नहीं है। फफूंद रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक राजीव राजा शुक्ला ने बताया कि ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस के ड्राइवर ने सूचना दी थी कि शीशे से कुछ टकराया है। टीम मौके पर गई थी।
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बैटरी का बॉक्स मिला है। रेल ट्रैक बहाल है। बैटरी बॉक्स पूर्वा एक्सप्रेस से ही गिरा है। अनुमान है कि उसी समय गिट्टी उछलने से ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस के ड्राइवर केबिन का शीशा टूट गया है। यदि पूर्वा एक्सप्रेस का बैटरी बॉक्स टकराने के साथ बैटरियां भी स्लीपर में टकरातीं तो ट्रेन पटरी से उतर सकती थी।
