निघासन क्षेत्र के एक गांव में दो नाबालिग लड़कियों की दुष्कर्म के बाद गला घोटकर हत्या के मामले को पुलिस प्रेम प्रसंग के एंगल से देख रही है। एसपी संजीव सुमन का दावा है कि लड़कियों के शादी की जिद पर अड़ने से दूसरे समुदाय के युवकों ने दोनों बहनों को गला घोटकर मार डाला।
लखीमपुर कांड: धोखे का प्रेम, शादी के सवाल पर ली जान, गांव के छोटू ने कराई थी दूसरे समुदाय के लड़कों से पहचान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बकौल एसपी, गांव के ही छोटू ने लालपुर गांव के जुनैद, सुहेल और हफीजुर्रहमान उर्फ मंझीलका से दोनों बहनों की पहचान कराई थी। बुधवार दोपहर बाद ये तीनों आरोपी दोनों बहनों को अपने साथ खेत पर ले गए थे। वहां जुनैद और सुहेल ने पहले दोनों से दुष्कर्म किया, फिर दुपट्टे से गला घोटकर हत्या कर दी।
बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे एसपी संजीव सुमन ने खुलासा किया कि तीनों अभियुक्त बाइक से गांव आए थे, जिसके बाद वह लड़कियों को बहलाकर खेत में ले गए। वारदात को अंजाम देने के बाद लालपुर के ही करीमुद्दीन और आरिफ को फोन करके बुलाया। साक्ष्य मिटाने के लिए दोनों शवों को दुपट्टे से खैर के पेड़ से लटका दिया और मौके से फरार हो गए।
जुनैद और सुहेल के इशारे पर घर से निकली थीं दोनों बहनें
पुलिस के मुताबिक, जुनैद और सुहेल के इशारे पर बुधवार की दोपहर बाद दोनों बहनें घर से निकली थीं। ग्रामीणों के हवाले से यह भी दावा किया कि दोनों बहनें जुनैद और सुहेल से अक्सर मिलती थीं और बृहस्पतिवार को भी तय जगह पर मिलने गई थीं। पीड़ित परिजनों ने जहां मुख्य आरोपी छोटू को कठघरे में खड़ा किया और अगवा कर ले जाने का आरोप लगाया, वहीं पुलिस का दावा है कि छठा अभियुक्त छोटू घटनास्थल पर था ही नहीं। वह लड़कियों को आरोपियों से मिलवाने में साजिशकर्ता के तौर पर शामिल रहा है। हालांकि, परिजनों ने भी बेटियों को अगवा करने वालों की पहचान से इन्कार किया और उन्होंने घटनास्थल पर छोटू की मौजूदगी को नकारा।
आईजी-एसपी के बयान से नाराज दिखे परिजन
बुधवार को एसपी संजीव सुमन और आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह के प्रथमदृष्टया आत्महत्या की बात कहने पर बृहस्पतिवार को परिजनों ने नाराजगी जताई। परिजनों ने कहा कि आरोपी उनके घर के सामने से बेटियों को अगवा करके ले गए, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि बहला फुसलाकर लड़कियों को ले जाया गया, जबकि खुद आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने देर रात बातचीत के दौरान कहा था कि वह जो लिखकर देंगे, जो कहेंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।