मेरठ में गंगानगर थाना क्षेत्र के साधारणपुर गांव में सोमवार शाम से हर घंटे किसी ना किसी की मौत की खबर आती रही। शराब पीने से हुई मौतों के बाद गांव में आठ महिलाओं का सुहाग छिन गया तो 15 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। कुछ बच्चे तो इतने छोटे हैं कि उन्हें यह तक नहीं पता कि आखिर हुआ क्या है। पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति पहले से ही बहुत अच्छी नहीं है। अब परिवार को संभालने और रोजी रोटी का इंतजाम करने वाला तक नहीं बचा है।
शराब से 10 मौत: आठ महिलाओं का सुहाग छिना, 15 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, भावुक कर देंगी ये तस्वीरें
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कोरोना संक्रमण काल में तो यह चुनौती और भी बड़ी है। बेसहारा हुई महिलाओं और बच्चों के लिए आगे की जिंदगी जी पाना इतना आसान नहीं होगा। इससे भी अधिक विडंबना यह है कि शराब की लत से हर साल जिंदगियां खत्म होने के बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे और परिवार उजड़ते जा रहे हैं।
पीड़ित परिवारों की स्थिति
केस - 1
28 वर्षीय नीरज राज मिस्त्री था। परिवार में पत्नी प्रीति और तीन बच्चे रह गए हैं। इसमें सूरज, मुखिया और परी शामिल हैं। किसी ने स्कूल तक जाना शुरू नहीं किया है। मृतक के दो बड़े भाई दीपक और संदीप हैं। वे मजदूरी कर परिवार चलाते हैं।
केस - 2
30 वर्षीय कपिल भी राज मिस्त्री था। पत्नी मोनी और दो बच्चे रह गए हैं। बड़ी बेटी तनिष्का चौथी कक्षा और छोटी बेटी छवि कक्षा एक की छात्रा है। परिवार के पंकज की स्थिति गंभीर बनी है।
केस - 3
32 वर्षीय दीपक राज मिस्त्री था। पत्नी रूबी व तीन बच्चे आलोक, वंशिका, हैप्पी हैं। एक भाई बबलू नौकरी करता है।