अनित गुर्जर हत्याकांड: नाकाम सिस्टम ने ली अनित गुर्जर की जान, पुलिस अधिकारी नहीं भांप सके माहौल
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भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय धामा के गांव रामनगर में अतिरिक्त संख्या में फोर्स व सठला गांव में भी फोर्स की मांग की थी। ज्ञापन देने वालों में सपा विधायक रफीक अंसारी, सैय्यद रिहानुद्दीन, जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता आदि रहे थे।
जिसके बाद सपा नेताओं ने पुलिस अफसरों से भी मांग की थी कि बली गांव में जिस प्राथमिक विद्यालय में वोटिंग की जानी है, वहां पीएसी और पुलिस लगाई जाए। लेकिन थानेदार से लेकर पुलिस के उच्च अधिकारी माहौल को नहीं भांप पाए। सुरक्षा को लेकर एक दरोगा समेत एक दर्जन पुलिसकर्मी लगा दिए, जिनमें पीएसी भी थी।
आरोप है कि शनिवार को चल रहे उपचुनाव में शाम के समय वोटिंग पूरी भी नहीं हुई थी कि भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय धामा हाथ में पिस्टल लहराते हुए वहां पहुंच गया। जिसके बाद आरोपी ने खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बूथ कैप्चरिंग की कोशिश की।
बली गांव के प्रधान व भाजपा समर्थित कालूराम के बेटे अनित गुर्जर ने विजय को समझाने की कोशिश की तो आरोप है कि विजय ने अनित की गोली मारकर हत्या कर दी। पूरा घटनाक्रम पुलिस के सामने हुआ और हत्यारोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गया।
सपा नेता अतुल प्रधान का आरोप है कि पुलिस और पीएसी के सामने प्रधान के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। पुलिस के सामने भी यदि हत्या की जाए तो फिर कौन सुरक्षित होगा। भाजपा के एक विधायक के इशारे पर आरोपी ने खून खराबा किया है। इस पर पुलिस को आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।