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यूपी के मुजफ्फरनगर में संवर रहा लद्दाख के बच्चों का भविष्य, अनुच्छेद 370 हटते ही चेहरों पर लौटी खुशी

Tue, 06 Aug 2019 05:42 PM IST
Dimple Sirohi गिरिराज सिंह, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
गिरिराज सिंह, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 06 Aug 2019 05:42 PM IST
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article370 removel: future of Ladakh children is cherished in Muzaffarnagar UP
अल जेहरा चैरिटेबल फाउंडेशन - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर के अनुच्छेद 370 हटते ही यूपी के मुजफ्फरनगर जिले का गांव संधावली का अल जेहरा चैरिटेबल फाउंडेशन अचानक चर्चा में आ गया। यह मदरसा भी है और हॉस्टल भी। देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही लद्दाख क्षेत्र के 90 बच्चे यहां रहकर अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। कई अपनी तालीम पूरी कर आगे निकल गए और कुछ सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। 


 
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लद्दाख् के छात्र - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली-पौड़ी हाईवे पर मुजफ्फरनगर के नजदीक बसे गांव संधावली में लद्दाख निवासी मोहम्मद यूसुफ ने अल जेहरा चैरिटेबल फाउंडेशन की स्थापना की थी। उन्होंने लद्दाख क्षेत्र के ऐसे बच्चों को यहां लाकर शिक्षित करना शुरू किया, जिनके पिता की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में उनके परिजन गरीबी के कारण उन्हें शिक्षा नहीं दिला पा रहे। 


 
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अल जेहरा चैरिटेबल फाउंडेशन - फोटो : अमर उजाला

लद्दाख के अलावा दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत अन्य कई स्थानों के छात्र-छात्राएं यहां आकर शिक्षा लेते हैं। यहां बने हॉस्टल में वर्तमान में 200 छात्र-छात्राएं हैं। इनमें 84 छात्र तथा छह छात्राएं लद्दाख से हैं। हॉस्टल में रहते हुए इन्हें 12वीं तक शिक्षा दी जाती है। कक्षा एक से आठवीं तक डीएन पब्लिक स्कूल संधावली तथा नौ से 12वीं तक सूर्यदेव इंटर कॉलेज जौली रोड में पढ़ाया जाता है। 


 
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अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जिले में तैनात सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला

स्कूल समय के बाद सभी मदरसे में अध्ययन करते हैं। फाउंडेशन की ओर से विद्यार्थियों के रहने, खाने, कपड़े एवं शिक्षा आदि की नि:शुल्क व्यवस्था की जाती है। अब तक बड़ी संख्या में छात्र यहां से शिक्षा लेकर अपने घर लौट चुके हैं। लद्दाख के ही अहमद रजा बिजली विभाग, अली मुर्तजा एसबीआई, गुलजार अहमद और शाबिर आर्मी में नौकरी कर रहे हैं। यह सभी यहां से पढ़कर गए हैं। 


 
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जिले में जश्न मनाते लोग - फोटो : अमर उजाला

बच्चों को बदलाव का पता नहीं, मौलाना गए लद्दाख 
अल जेहरा चैरिटेबल फाउंडेशन के हॉस्टल एवं मदरसे में रहकर पढ़ाई कर रहे लद्दाख के अबुल कासिम, अकबर अली, तुफैल, हसनैन, आरिफ, सादिक, मुंतजिर, आबरीन, जहीर, सिकंदर, लियाकत, फैजान आदि को कश्मीर को लेकर हुए बदलाव का इल्म नहीं है। फाउंडेशन के संस्थापक कारगिल जिले के गांव हनगुनिक निवासी मोहम्मद यूसुफ इन दिनों लद्दाख गए हैं। 

मदरसे के शिक्षक हैदर काजमी ने बताया कि बच्चों को कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मोहम्मद यूसुफ लद्दाख से गरीब परिवारों के बच्चों को यहां ले आते हैं और शिक्षा पूरी होने के बाद बच्चे अपने घरों को लौट जाते हैं। 

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