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बदन सिंह बद्दो और सुशील मूंछ की दोस्ती बहुत गहरी लेकिन बेहद अजीब, एक जेल में तो दूसरा रहता है बाहर

Sun, 31 Mar 2019 11:33 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 31 Mar 2019 11:33 AM IST
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Badan Singh Badoo Sushil Mooch friendship is very strange, one is in jail and another is out
बदन सिंह बद्दो और सुशील मूंछ - फोटो : फाइल
पश्चिम उत्तर प्रदेश में जरायम की दुनिया के दो बड़े कुख्यातों का याराना बड़ा अजीबोगरीब है। एक कुख्यात जेल में रहता है तो दूसरा बाहर। कई वर्षों से दोनों कुख्यात पुलिस से आंख मिचौली खेलते हैं और पुलिस तमाशबीन बनकर देखती है। बदन सिंह बद्दो पुलिस कस्टडी से भागा तो सुशील मूंछ सवा साल बाद आसानी से जेल चला गया। इसको लेकर पुलिस, आम जनता और बदमाशों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। पुलिस की खामोशी के पीछे क्या राज है, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। 


 
Badan Singh Badoo Sushil Mooch friendship is very strange, one is in jail and another is out
सुशील मूंछ को कोर्ट लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बद्दो और मूंछ गहरे दोस्त 
पुलिस के मुताबिक बद्दो और मूंछ में कई वर्षों से गहरी दोस्ती है। मूंछ करीब तीन साल जेल में बंद रहा है। इस दौरान बद्दो जेल से बाहर था। मूंछ का सारा खर्चा बद्दो उठाता था। दोनों के गुर्गे भी एक-दूसरे से वाकिफ हैं। 2017 में बद्दो को उम्रकैद की सजा हो गई थी। इस दौरान मूंछ बाहर था। मूंछ गुपचुप तरीके से बद्दो की मदद करता रहा। 2018 में मां-बेटे की हत्या में मूंछ नामजद हुआ और पुलिस ने इनाम कर दिया। लेकिन मूंछ जेल नहीं गया। 28 मार्च को बद्दो पुलिस कस्टडी से भाग गया। सवा साल बाद मूंछ बिल से बाहर आया व कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया। 

 
Badan Singh Badoo Sushil Mooch friendship is very strange, one is in jail and another is out
बदन सिंह बद्दो - फोटो : अमर उजाला

दोनों दोस्तों का सुरक्षित अड्डा कहां? 
एक-एक लाख का इनाम होने के बाद भी पुलिस बद्दो और मूंछ को गिरफ्तार नहीं कर पाती है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसी भी उन्हें ढूंढने में नाकाम हो जाती हैं। सवाल है कि आखिर इन दोनों कुख्यातों का वहां कौन सा सुरक्षित अड्डा है, जहां तक पुलिस नहीं पहुंच पाती। विदेश में भी दोनों बदमाशों का नेटवर्क फैला हुआ है। दोनों की करोड़ों की प्रॉपर्टी भी विदेश व दूसरे राज्यों में होनी बताई जाती है। बताया जा रहा कि बद्दो के फरार होने व मूंछ के सरेंडर होने के पीछे पूरी प्लानिंग है। 

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सुशील मूंछ को लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
परतापुर में गोलियां बरसाकर मारे थे मां-बेटा
गवाही से एक दिन पहले चश्मदीद गवाह बेटे भोलू व उसकी मां निछत्तर कौर की हत्या बदमाशों ने सरेआम गोली बरसाकर की थी। सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई थी। जिसको लेकर प्रदेश भर में खलबली मची थी। इस मामले में विनय, मालू समेत 12 लोग नामजद हुए जबकि सुशील मूंछ और उसका बेटा मंजीत साजिश रचने के मुल्जिम बने थे। आरोप था कि आरोपियों और पीड़ित पक्ष के साथ मूंछ ने पंचायत की थी।
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कुख्यात सुशील मूंछ - फोटो : फाइल
पंचायत के बाद मामले में समझौता न होने पर मूंछ और उसके बेटे ने आरोपियों के साथ शूटर भेजकर गवाह मां-बेटे की हत्या कराई थी। मंजीत कोर्ट में पहले ही सरेंडर हो चुका था। मेरठ पुलिस अब मूंछ को बी वारंट पर मेरठ कचहरी में लाएगी। वहीं, ऐसी ही वारदात मुजफ्फरनगर नई मंडी कोतवाली के अंकित विहार निवासी सुशील उर्फ चीकू की हत्या हुई थी। सुशील दूध व्यवसायी था। 12 अक्तूबर 2017 की तड़के उसकी डेयरी खोलते समय गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सुशील मूंछ व उसके गैंग का नाम सामने आया था। 
 
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