उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में प्राथमिक विद्यालयों की हालत काफी खराब है। अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसी स्कूल में एक-एक शिक्षक से काम चलाया जा रहा है। कहीं भवन की दीवारों में दरार से पेड़ की शाखाएं निकल रही हैं। जिससे हादसा हो सकता है।
Baghpat: जर्जर स्कूलों में नौनिहाल बुन रहे सुनहरे भविष्य के सपने, टूटी दीवार तो कहीं दीवारों से निकल रहे पेड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राथमिक विद्यालय कैड़वा के भवन की हालत खराब है। भवन में नमी बनी रहती है, इससे दीवारों में दरार पड़ गई हैं। उनसे पेड़ों की शाखाएं निकल रही हैं। स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनिता का कहना है कि कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है। दीवार में दरार आने से हादसे का डर बना रहता है।
दीवार टूटने से विद्यालय में रहता है पशुओं का जमावड़ा
फजलपुर सुंदरनगर के कंपोजिट विद्यालय की चहारदीवारी तीन साल से टूटी हुई है। इस कारण विद्यालय में आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ने बताया कि कई बार अधिकारियों से स्कूल की दीवार का निर्माण कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
विद्यालयों से समस्याओं के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराए जाने की बात कही जा रही है तो बीएसए कार्यालय में बिजली कनेक्शन नहीं होने, पानी की समस्या, जर्जर भवन आदि की समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी बीएसए कार्यालय में जाकर समस्याएं दब जाती हैं।
इस बारे में शासन को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है। स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। -प्रकाश चंद, बीईओ बड़ौत