भारतीय किसान यूनियन की ओर से आज दिल्ली-यूपी बॉर्डर स्थित गाजीपुर में पंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मेरठ समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलो से काफी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होने के लिए रवाना हुए हैं। कई स्थानों पर पुलिस द्वारा कूच करने वाले कार्यकर्ताओं को रोकने पर टकराव के आसार हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने सुबह से ही कई भाकियू नेताओं को नजरबंद करना शुरू कर दिया। मुजफ्फरनगर, बागपत व मेरठ में टोल प्लाजा पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है।
सड़कमार्ग से गुजरने वाली सभी गाड़ियों व वाहनों पर पुलिस पैनी नजर रखे हुए हैं। कई गाड़ियों को पुलिस ने रोककर वापस भी भेज दिया है। हालांकि राकेश टिकैत तकरीबन 300 कार्यकर्ताओं के साथ यूपीगेट की ओर रवाना हुए, उन्हें भी टोल प्लाजा पर तैनात पुलिस ने रोका लेकिन एसपी सिटी से वार्ता करने के बाद वे आगे यूपी गेट के लिए रवाना हो गए। वहीं पश्चिमी यूपी में पुलिस प्रशासन तो किसानों के दिल्ली कूच को लेकर अलर्ट है ही। साथ ही भाकियू व किसान कार्यकर्ता भी अलर्ट मोड पर है कि पदाधिकारियों के आदेश आते ही दिल्ली के लिए कूच कर दिया जाए।
2 of 9
सपा नेता अतुल प्रधान
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस प्रशासन को यह भनक लगते ही कि सपा विधायक अतुल प्रधान भी जंतर मंतर पर चल रहे धरने में शामिल होने जा रहे हैं, तो पुलिस उनके शस्त्रीनगर आवास पर पहुंच गई और सपा विधायक अतुल प्रधान को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया। इस दौरान अतुल प्रधान ने कहा कि सरकार पहलवानों के धरने को कमजोर करना चाहती है।
3 of 9
किसान
- फोटो : Amar ujala
वहीं शनिवार रात को राजकुमार करनावल को उनके गांव करनावल में, उज्ज्वल को सरूरपुर में और मोनू व महबूब को उनके गांव में नजरबंद किया गया। जिला अध्यक्ष अनुराग के आवास समेत कई कार्यकर्ताओं के घर पुलिस पहुंची, लेकिन वे घर पर नहीं मिले।
4 of 9
काशी टोल प्लाजा पर गौरव टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत पंचायत को संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि यह पंचायत जंतर मंतर पर चल रहे महिला पहलवानों के धरने के समर्थन में है। भाकियू देश की बेटियों के साथ है।
5 of 9
भाकियू के दिल्ली कूच के दौरान महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
भाकियू पदाधिकारियों के अनुसार एक पंचायत गाजीपुर बॉर्डर पर और महिलाओं की एक पंचायत नए संसद भवन पर भी होगी। इसमें काफी संख्या में महिलाएं संसद भवन पहुंचेंगी। पंचायत में शामिल होने के लिए लोग अपने-अपने वाहनों से आज सुबह निकल गए। सुबह से ही सभी कार्यकर्ता पंचायत की तैयारी में लगे थे। हालांकि कई स्थानों पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोका और वापस भेज दिया।