बसपा पूर्व विधायक के कोल्ड स्टोरेज में शुक्रवार को बॉयलर फट गया। जिससे गैस रिसाव हो गया और पूरी छत उड़ गई। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा मजदूर घायल हो गए हैं। साथियों के शव देखे तो मजदूरों की रूह कांप उठी। शीतगृह में हुए हादसे के बाद सुरक्षित निकले ज्यादातर मजदूरों ने जब अपनी दास्तां सुनाई तो हर कोई दंग रह गया। मजदूरों ने बताया कि ऐसे हालात में जब खुद को जिंदा देखा तो आसानी से यकीन तक नहीं हुआ। हादसे के समय कोई दाल बना रहा था तो कोई बर्तन धो रहा था। इन मजदूरों के चेहरे पर दहशत के साथ जिंदा रहने की खुशी भी चेहरे पर नजर आई।
Meerut: ऐसा लगा...जिंदा नहीं बचूंगा, साथियों के शव देख कांप उठी रूह, पीड़ितों की जुबानी हादसे की कहानी
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ऐसा लगा...जिंदा नहीं बचूंगा
मजदूर हेमराज ने बताया कि वह भी मलबे में दब गए थे। लगा कि अब जान नहीं बचेगी। साथी नजर ही नहीं आए। चीखपुकार बच रही थी। यकीन नहीं था कि जिंदा बचूंगा। मलबे से निकलकर बाहर आया तो यकीन हुआ।
बर्तन धो रहा था..तभी खतरे में पड़ गई जान
मजदूर सूरजचंद ने बताया कि मैं बर्तन धो रहा था। अचानक हादसे के बाद खतरे में जान पड़ी। दम घुटने लगा। सुरेश कुमार ने बताया कि वह भी बर्तन धो रहा था। मलबे से जैसे तैसे निकलकर बाहर आया।
घबराओ मत... सब ठीक हो जाएगा
केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, पूर्व विधायक संगीत सोम सहित कई नेता मौके पर पहुंचे। नेता और पुलिस अधिकारी मजदूरों को समझाते रहे कि घबराने की जरूरत नहीं है। सब ठीक हो जाएगा। मजदूर काफी दहशत में थे। वह चिंतित थे कि पता नहीं उनके साथियों के साथ क्या हुआ है। वह जिंदा है या नहीं। इसको जानने के लिए वह अधिकारियों से कहते रहे।
पूर्व विधायक की हालत बिगड़ी
हादसे के बाद जब सूचना पूर्व विधायक चंद्रवीर सिंह को मिली तो उनकी हालत बिगड़ गई। बताया गया कि घटना के समय पूर्व विधायक पास में एक शादी समारोह में थे, वहां से वह मौके पर पहुंचे और घायलों को निकलवाया। घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। हादसे को देखकर पूर्व विधायक की हालत खराब हो गई। उन्हें पहले मेरठ और फिर दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया।