भादों के अंतिम दिन लगी बारिश की झड़ी ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। धान की फसल खेतों में गिर गई है और पानी भर गया है। आशंका है कि फसल को काफी नुकसान होगा। मौसम विभाग ने आज भी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
Heavy Rain Alert: धान की फसल को भारी नुकसान, स्कूल बंद, आज भी बारिश के आसार, देखें-कब तक सक्रिय रहेगा मानसून
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सितंबर में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। सितंबर में दूसरी बार सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। 18 दिन में ही 261 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। बारिश अब किसानों के लिए आफत बन रही है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर व अरुण ने बताया कि सामान्य से अधिक बारिश किसानों के लिए संकट लेकर आई है। यह बरसात गर्मी में बोई गई खड़ी फसलों जैसे धान, कपास, सोयाबीन, मक्का और दलहन पर बुरा असर डाल सकती है। यह फसल सितंबर के मध्य तक कटने लगती हैं। जो धान की फसल गिर गई है, उसमें नुकसान होगा।
बारिश से जलभराव, गड्ढों में तब्दील हुए मार्ग
लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। बारिश के चलते शहर में अधिकांश सड़कों पर जलभराव हो गया। दिल्ली रोड पर भारी वाहनों ने सड़क को गड्ढों में तब्दील कर दिया। सड़कों पर जलभराव होने से गड्ढों में वाहनों के फंसने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बरसात में मेरठ के सदर बाजार, घंटाघर, हापुड़ रोड, कचहरी रोड, दिल्ली रोड, बागपत रोड पर जलभराव हुआ। दिल्ली रोड पर जगदीप मंडल के सामने हाल में ही बनी सड़क बरसात में उखड़ गई। भारी वाहनों ने सड़क को पूरी तरह से गड़ढ़ो में तब्दील कर दिया। ऐसे में राहगीरों का सफर परेशानी भरा रहा। कई स्थानों पर वाहन चालक गड्ढों में फंसने से चाेटिल हुए।
रोडवेज बसों में यात्री रहे कम
बुधवार को बारिश से परिवहन निगम को भी नुकसान हुआ। यात्री कम आए तो बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ। हालांकि सभी मार्गों पर रोडवेज बसों को चलाया गया, मगर यात्री कम ही आए। जिस कारण लोड फैक्टर कम होने से निगम की आय भी प्रभवित हुई है।