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यूपी के इस जिले में कभी मौजूद थी हड़प्पा जैसी संस्कृति, खुदाई में अब तक मिल चुकी हैं ये दुर्लभ चीजें

Sun, 03 Mar 2019 05:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 03 Mar 2019 05:19 PM IST
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civilization like Harappan culture existed in sinauli of Baghpat district of UP
सिनौली उत्खनन में प्राप्त मानव कंकाल

यूपी के बागपत से सटे सिनौली में जिस तरह इतिहास की परतें खुल रही हैं, साफ हो रहा है कि यहां भी एक उन्नत सभ्यता के लोग रहते थे। साल 2006 में पहले चरण की खुदाई में मानव कंकाल, सोने के आभूषण, मृदभांड मिलने के बाद सिनौली सुर्खियों में आया था। तब खोदाई में 18 कब्रें मिलीं, इनमें कंकाल भी थे। हालांकि यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि ये किस काल के हैं लेकिन यह तय है कि यहां किसी समय में विशाल सभ्यता विकसित थी। आगे देखें अब तक यहां क्या चीजें खुदाई के दौरान प्राप्त हो चुकी हैं: -

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सिनौली उत्खनन में प्राप्त बर्तन

पुरातत्व विभाग ने यहां मिले कंकाल के काल क्रम का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन 13 साल बाद भी अभी तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। दूसरे और तीसरे चरण में भी कंकाल मिल रहे हैं। बागपत ही बात करें तो हिंडन नदी के किनारे गुप्त कालीन, कुषाण कालीन और मुगल कालीन सभ्यता के अवशेष मिल चुके हैं। 

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सिनौली उत्खनन में प्राप्त रथ
चंदायन और बरनावा में उत्खनन से यह साबित हुआ है कि यहां अलग-अलग संस्कृतियों का दौर गुजरा है। इसी तरह यमुना किनारे पर भी संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इनकी खोज अभी अधूरी है। पश्चिम यूपी में गंगा, यमुना, हिंडन नदियों के किनारों पर भी सभ्यता आबाद थी। हिंडन किनारे बरनावा क्षेत्र में इसके प्रमाण भी मिले हैं। यमुना के नजदीक बसे सिनौली में मिले अवशेष प्राचीन संस्कृति की ओर इशारा कर रहे हैं, इन पर अभी शोध होना है।
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सिनौली उत्खनन में प्राप्त रथ का फाइल फोटो
घोड़े का रथ साढे़ तीन हजार साल पुराना : हबीब
देश के जाने माने इतिहासकार प्रोफेसर इरफान हबीब कहते हैं कि बगैर शोध के काल क्रम निर्धारित नहीं किया जा सकता है। रथ की बात करें तो आर्य संस्कृति में घोड़े वाले रथ का प्रयोग शुरू हुआ। यह संस्कृति फली फूली। आर्य साढ़े तीन हजार साल पहले आए थे। 
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सिनौली उत्खनन में प्राप्त सामान

आर्यों के आगमन से पहले बैल वाले रथ का प्रयोग किया जाता था। इसके तमाम प्रमाण हैं। सिनौली में किस काल का इतिहास है, इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। कई जगह मिलती जुलती सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं। यह शोध का विषय है। लेकिन महाभारत काल के काल क्रम का तो अभी तक पता ही नहीं चला है। 


 
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