मोस्ट वांटेड बदन सिंह बद्दो करीब 25 साल से पुलिस के साथ आंखमिचौली का खेल खेलता आ रहा है। शातिर अपराधी और खुली चुनौती देकर वारदात करने वाले बद्दो ने शराब तस्करी से जरायम की दुनिया में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। सुपारी किलर व भूमाफिया तक बना। मंगलवार को पूर्व डीजीपी बृजलाल और केबिल कारोबारी रोमी के खिलाफ फेसबुक पर पोस्ट डालकर वांटेड बद्दो ने यूपी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
मोस्ट वांटेड बदन सिंह बद्दो के आगे पुलिस फेल, 25 साल से चल रहा 'आंखमिचौली' का खेल
बदन सिंह बद्दो सजायाफ्ता फरार अपराधी है। 28 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री की मोदीपुरम में रैली थी। पूरा पुलिस-प्रशासन सुरक्षा में जुटा था। इस दौरान बद्दो फतेहगढ़ पुलिस की कस्टडी में गाजियाबाद से मेरठ आया था। दिल्ली रोड स्थित होटल मुकुट महल में उसने फतेहगढ़ पुलिस की खातिरदारी कराई और अपने साथियों के साथ फरार हो गया था। करीब 11 महीने बीत चुके हैं। लेकिन पुलिस बद्दो का सुराग तक नहीं लगा सकी।
बद्दो की फरारी से कई परिवारों को खतरा बना हुआ है। साल 1996 में बद्दो ने अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की हत्या की थी, जिसमें उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। साल 2011 में बसपा नेता संजय गुर्जर की हत्या में बद्दो नामजद आरोपी है। यह मुकदमा ट्रायल पर है।
बद्दो की फरारी में उसका बेटा सिकंदर भी शामिल बताया गया था, जिस पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ है। सिकंदर भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। अब बद्दो की पोस्ट के बाद रविंद्र गुर्जर और संजय गुर्जर के परिजनों ने जान का खतरा बताकर पुलिस की कार्यशैली पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
बद्दो का राजनीतिक कनेक्शन
बद्दो का राजनीतिक कनेक्शन भी रहा। सपा और बसपा नेताओं से उसके संबंध रहे। सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान ने जब जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था तो बद्दो ने न केवल कुख्यात योगेश भदौड़ा की सदस्य पत्नी सुमन भदौड़ा का सीमा प्रधान के पक्ष में वोट डलवाया, बल्कि दूसरे वोटों के लिए भी सेटिंग की थी। सीमा प्रधान की जीत के बाद बद्दो विजयी जुलूस में भी दिखाई दिया था।
बद्दो ने कई बार चुनाव लड़ने की भी तैयारी की। लेकिन उसे टिकट नहीं मिला। बद्दो पर पुलिस जब भी हाथ डालने की कोशिश करती, तभी सफेदपोश कार्रवाई में आडे़ आ जाते थे। इसको लेकर कई बार पुलिस को हाथ खींचने पड़े। सत्ताधारी नेताओं के साथ चुनाव में बद्दो साथ नजर आया। विधानसभा चुनाव में भी बद्दो की भागीदारी दिखाई दी।