वक्त का खेल देखिए...। पिछले दस साल में किसान वेद कश्यप 50 हजार रुपये नहीं जुटा पाया। जमीन की नीलामी की मुनादी हुई तो इज्जत और जिंदगी दोनों चली गईं। किसान ने कफन ओढ़ा तो 50 हजार रुपये मांग रहे अधिकारियों ने परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता का भरोसा दिया। दरअसल, जमीन नीलामी की मुनादी होने के बाद मंसूरपुर थाना क्षेत्र के लच्छेड़ा गांव के किसान वेद कश्यप (65) की सदमे से मौत हो गई। नाराज ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। पीड़ित परिवार को मौके पर ही मुआवजा और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। चार दिन बाद किसान की बेटी की शादी होनी है। आगे विस्तार से जानें पूरा मामला: -
मार्मिक: किसान ने कफन ओढ़ा तो 50 हजार मांगने वाले बोले, हम देंगे 10 लाख, चार दिन बाद करने थे बेटी के हाथ पीले
परिजन शव को लेकर गांव में पहुंचे। रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत राठी, सुधीर भारतीय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुबोध शर्मा, देवेंद्र कश्यप भी गांव पहुंच गए। एसडीएम सदर परमानंद झा और सीओ खतौली राकेश कुमार ने परिजनों से जानकारी ली। परिजनों ने शव नहीं उठाने दिया। जैसे तैसे अधिकारियों ने परिजनों को समझाया। वहीं शुक्रवार को भी गांव में गम का माहौल है। सैकड़ों लोग पीड़ित परिवार के घर पर मौजूद हैं। एसडीएम ने बताया कि नीलामी के लिए कोई बोलीदाता नहीं पहुंचा। कोर्ट के आदेश के बाद रिकवरी नोटिस भेजे गए थे।
ऐसे फंसा किसान
लच्छेड़ा के चार किसानों ने 10 साल पहले शाहपुर के किसी परिचित की 50-50 हजार रुपये की जमानत कराई थी। आरोपी जेल से निकला तो फिर कभी अदालत तक नहीं पहुंचा, ऐसे में किसान फंस गए।
अदालत ने सदर तहसीलदार को वसूली के आदेश दिए। पिछले चार साल में करीब 15 तारीख लगीं। किसान ऐसा मजबूर हुआ कि वह 50 हजार रुपये जमा नहीं कर सका। प्रशासन ने 26 अप्रैल को जमीन की नीलामी की मुनादी कराई। गुरुवार को नीलामी होनी थी। बोलीदाता के नहीं पहुंचने के कारण जमीन तो बच गई, लेकिन किसान की जिंदगी चली गई। किसान की मौत पर तकरीबन 10 घंटे हंगामा हुआ।
जनप्रतिनिधि पहुंचे और आखिरकार देर रात समझौता हो गया। प्रशासन ने भरोसा दिया कि मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये किसान दुर्घटना बीमा, तीन लाख रुपये मंडी समिति और दो लाख रुपये की मदद तहसील से की जाएगी। कुछ घंटे पहले ही जो प्रशासन तहसील में बोलीदाता का इंतजार कर रहा था, उसी ने किसान को 10 लाख की आर्थिक सहायता का भरोसा दिया है।
किसान के परिवार को मिले इंसाफ : मलिक
देर रात पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक लच्छेड़ा पहुंचे। उन्होंने एसडीएम सदर और सीओ खतौली से बात कर कहा कि किसान के परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए।
मुकदमा दर्ज, शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया
मंसूरपुर थाने में किसान की मौत का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया।