पश्चिमी यूपी में फिर गैंगवार हो सकती है। जेलों से मिले इनपुट के बाद पुलिस अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। अपराधियों की पेशी का सारा रिकार्ड पहले ही अधिकारी जुटा रहे हैं, ताकि पुलिस पहले से उनके ऊपर शिकंजा कस सके।
पश्चिमी यूपी में गैंगवार की आशंका, कई बदमाशों ने मिलाए हाथ, जेलों से मिले इनपुट पर अफसर चौकन्ने
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वेस्ट यूपी शातिर अपराधी मुकीम काला, सुशील मूंछ, भूपेंद्र बाफर, योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह, सुमित जाट, मोनू जाट, भरतू नाई समेत 55 अपराधी जेल में हैं। जेल से ही ये अपराधी अपने गैंग को चला रहेे हैं। अब बदमाशों में फिर गैंगवार होने का अंदेशा चल रहा है।
बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के पीछे गहरी साजिश बताई गई। अब आजमगढ़ जेल में कुख्यात ऊधम सिंह के खुदकुशी करने के ड्रामे की जांच भी उच्च स्तर से कराई है। जिसमें सामने आया कि कई बदमाश जेल में रहकर अपने दुश्मन की हत्या करने की साजिश बना रहे हैं। इसको लेकर पुलिस भी सतर्क हो गई है।
पहले भी हो चुकी गैंगवार
भदौड़ा और ऊधम में कई सालों से गैंगवार चल रही थी। 31 दिसंबर 2011 को योगेश भदौड़ा के भाई प्रमोद भदौड़ा की सरेआम ऊधम सिंह ने हत्या की। उसके बाद गवाहों को मारने का सिलसिला चला। भदौड़ा ने ऊधम के करीबी नितिन गंजा की कचहरी में हत्या कराई। दोनों के बीच गैंगवार हुई, जिसमें सात लोगों की जान गई।
वहीं, सुशील मूंछ की हत्या के लिए भूपेंद्र बाफर ने पूरी योजना बनाई। पुलिस कस्टडी से शातिर अपराधी रोहित सांडू को छुड़वाया। पुलिस ने सांडू व उसके तीन सार्थियों को मुठभेड़ में ढेर किया। इसके अलावा नोएडा में सुंदर भाटी और बलराज भाटी में गैंगवार हुई। बलराज भाटी को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मारा। दोनों के बीच गैंगवार छिड़ी हुई है।
जेलों में कुख्यातों के सुने फोन
यूपी की अलग-अलग जेल में शातिर अपराधी बंद हैं। बागपत जेल में बंद अपराधी लगातार फोन पर बात कर रहेे हैं। आईजी रेंज ने जेल में छापा मारकर इसका खुलासा किया है।
मोबाइल की डिवाइस मिली, जिससे मोबाइल कनेक्ट थे। इसके बाद भी बागपत जेल में शातिर अपराधी फोन पर बात कर रहे हैं, इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों के पास जा रही है। जिस पर शिकंजा कसा जाएगा।
पेशी पर अपराधियों को खतरा
अपराधियों के बीच गैंगवार का इनपुट मिलने के बाद पुलिस अधिकारी अलर्ट हो गए। एडीजी आलोक सिंह इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं। रोजाना उनकी रेंज के जिलों में पेशी पर आने वाले सभी अपराधियों का रिकॉर्ड लिया जा रहा है।
पेशी पर अपराधियों के लिए खतरा है, इसको देखते हुए जेलाें से भी सुबह जानकारी जुटाई जाती है। कई अपराधी तो पेशी पर आने से ही इंकार कर देते हैं। पुलिस सभी अपराधियों की गतिविधियों पर नजर लगाए है।