बिजनौर में एक ओर जहां गंगा में लगातार उफान बढ़ रहा है, वहीं प्रशासन गंगा में बने टापू पर फंसे लोगों को निकाल रहा है। इसी दौरान एक ऐसी कहानी भी सामने आई, जो आपके रौंगटे खड़े कर देगी। दोनों ओर रौद्ररूप धारण कर चुकी गंगा की उठती लहरें थी तो टापू पर रहे रहे कुछ परिवारों ने जमीन छोड़कर बचाव दल के साथ आने से ही इनकार कर दिया। जब उनसे कारण पूछा गया तो बोल उठे, अगर चले गए थे यह जमीन दोबारा नहीं मिलेगी। हालांकि टीम ने उन्हें जबाव दिया कि जिंदा ही नहीं रहोगे तो जमीन का क्या करोगे। अब इसे मजबूरी कहें या जमीन का लालच, ये लोग उसी टापू पर रुक गए।
एक ओर जहां गंगा में बढ़ते उफान के बीच हर कोई सुरक्षित ठिकाना ढूंग रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ परिवार ऐसे भी हैं जो दो धाराओं के बीच फंसे तो हैं, लेकिन वहां बनी अपनी अस्थाई झोपड़ी को छोड़कर आने को तैयार नहीं है।
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रेस्क्यू किया गया परिवार
- फोटो : amar ujala
शनिवार को जब गंगा में लोगों के फंसने का पता चला तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में टीमें भेजी गई। जब टीमों ने वहां मिले लोगों के न आने का कारण और उनसे बातचीत का वीडियो दिखाया तो प्रशासनिक अधिकारी भी चौंक गए। सुरक्षा की दृष्टि से उनके नाम तो नहीं खोले गए, लेकिन उनसे हुई बातचीत स्थिति समझाने के लिए काफी है।
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बिजनौर में गंगा किनारे बसे गांवों में भरा पानी।
- फोटो : amar ujala
यहां जमीन छोड़कर नहीं जा सकते
टापू पर एक परिवार को देखा तो टीम वहां पहुंच गई। वहां दो साल के बच्चे से लेकर 10 साल तक की बच्ची, महिलाएं भी थी। टीम ने जब परिवार के मुखिया से सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए उनके साथ बैठने को कहा तो उसने साफ इनकार कर दिया। बोला कि चला गया तो यहां जो जमीन है, वह फिर नहीं मिलेगी। यहां कुछ पशु भी हैं। हमारा परिवार तो सुरक्षित है, दूसरे लोगों को साथ ले जाओ। टीम ने तंज कसते हुए कहा कि यदि कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा। जिंदा ही नहीं रहे तो जमीन का क्या करोगे। पानी और बढ़ सकता है। तमाम तर्क के बावजूद यह परिवार नहीं माना और टीम के साथ नहीं आया।
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जलस्तर को देखते ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
दूसरों को ले जाओ, हमे यहीं रहने दो
एक दूसरी टीम ने जब टापू पर झोपड़ी को ठीक कर रहे कुछ लोगों को देखा तो उनसे साथ चलने को कहा। जबाव सुनकर टीम यहां भी दंग रह गई। परिवार के मुखिया ने जबाव दिया कि आप दूसरों को लेकर जाओ, हमें यहीं रहने दो। यहां पानी नहीं आएगा। टीम ने समझाया, पर उसने साथ चलने से ही इनकार कर दिया। उसके साथ भी तीन से चार परिवार के सदस्य थे।
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मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : amar ujala
गंगा में फंसे लोगों को चिन्हित कर बाहर निकाला जा रहा है। अब तक 50 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर लाए जा चुके हैं। यह अचंभित कर रहा है कि लोग गंगा में जलस्तर बढ़ने के बावजूद टीम के साथ नहीं आ रहे हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। -उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर