उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में खुद को साबित किया है। महिला जो ठान लेती है उसे पूरा करके ही दम लेती है।
Happy Women's Day : बड़ा लक्ष्य बनाएं, मेहनत करें, सफलता चूमेगी कदम, अमर उजाला संवाद में महिलाओं ने रखे विचार
जिंदगी का दूसरा नाम है संघर्ष : मेधा रूपम
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अपर आयुक्त आईएएस मेधा रूपम ने कहा कि जीवन में लक्ष्य बनाकर हर कार्य किया। माता पिता दोनों से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। किताबें हमें बहुत कुछ सिखाती हैं। मेहनत से हम कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं। मन भाव अच्छे होने आवश्यक हैं, तभी भविष्य उज्ज्वल होता है। अगर निर्णय ले लिया तो उसे अवश्य पूरा करो। आज हमें स्वयं को सफलता के लिए बधाई देनी चाहिए। सफलता प्राप्त कर खुद को रोल मॉडल बनाओ। हमें कुरीतियों को छोड़ना होगा। वह महिला ही है जो दो परिवारों को जोड़ने का काम करती है। हर दिन हमें कुछ नया सिखाता है।
हर काम के लिए निश्चित करें समय : अलका चौधरी
कनोहर लाल डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अलका चौधरी ने कहा कि मैंने 30 किताबें और 13 रिसर्च पेपर लिखे हैं। जीवन में समय का प्रबंधन करना बहुत आवश्यक है। मेरठ कॉलेज में चीफ प्रॉक्टर के पद पर रहकर बहुत कुछ सीखने मिला। महिलाओं को जमीन से जुड़कर कार्य करना होता है। सच्चाई के मार्ग पर चलने वालों को भगवान आत्म विश्वास प्रदान करता है। नई पीढ़ी को महिलाएं ही नैतिक मूल्य दे सकती हैं। युवा पीढ़ी में सच्चाई, ईमानदारी, प्रेम, दयालुता, मैत्री की बहुत अधिक आवश्यकता है।
परिवार का भी मिलता है सपोर्ट
स्कूलिंग के साथ मॉडलिंग वर्ष 2013 से आरंभ की। 2020-21 में सुपर मॉडल हंट में खिताब मिला। पहले नहीं पता था कि क्या करना है अब मॉडलिंग को लक्ष्य बनाकर कार्य कर रही हूं। -सोनी, मॉडल
विवाह के 17 साल बाद मॉडलिंग
पति और ससुराल पक्ष के लोग सपनों को साकार करने में मददगार बने। विवाह के 17 वर्ष बाद मॉडलिंग शुरू की है। घंटों शीशे के सामने खड़े होकर अपने अंदर आत्मविश्वास जगाया। मिसेज सुपर मॉडल का खिताब भी जीता। -सिम्मी, मॉडल
हर क्षेत्र में महिलाओं का वर्चस्व
महिलाओं का आने वाले समय में हर क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित होगा। मेरी सास मेरी प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्हीं के दिए आत्मविश्वास के सहारे आज में कई पुस्तक लिख चुकी हूं। बच्चों को हिंदी और संस्कृत पढ़ाती हूं। महिलाओं को अपनी शक्ति को नहीं भूलना चाहिए। -स्वाति शर्मा, शिक्षिका एवं लेखक
जीवन में कभी हार न मानें
युवतियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करती हूं। साक्षरता का महत्व लोगों को समझाने के लिए कई कविताएं लिखी हैं। इसके साथ महिला सशक्तीकरण के लिए सामाजिक क्षेत्र भी कार्य कर रही हूं। -रचना सिंह वानिया, कवयित्री एवं शिक्षिका
खुद को मजबूत बनाएं महिलाएं
स्वयं मजबूत बनाकर हम मुश्किल परिस्थितियों का डट कर मुकाबला कर सकते हैं। हमारी हर समस्या का समाधान माता-पिता नहीं करेंगे। महिला अगर ठान ले तो असंभव को भी संभव कर सकती है। समाज को एकजुट करने की की जिम्मेदारी भी नारी शक्ति की है। -मोनिका जिंदल, महिला थाना प्रभारी
गांव-गांव में लाइब्रेरी खुलवाई
बच्चों के अंदर नैतिक मूल्य होंगे तो समाज निर्माण होगा। ऐसे परिवार में विवाह किया जो दहेज प्रथा के पूरी तरह खिलाफ है। गांव-गांव में लाइब्रेरी खुलवाई और लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। लड़कियों को शिक्षित होना चाहिए, तभी वह समाज में मुकाम हासिल कर सकती हैं। -डॉ. कुमकुम, असिस्टेंट प्रोफेसर, शहीद मंगल पांडेय कॉलेज