सूरज की तपिश के साथ ही पारा भी चढ़ता जा रहा है। लू ने भी हाल बेहाल कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। वहीं तापमान तेजी से बढ़ रहा है और गर्म हवाएं चल रही हैं। ऐसे में गर्मी से लोगों का बुरा हाल है।
गर्मी की मार: बढ़ रहा तापमान, गर्म हवाओं का सेहत पर असर, हर रोज 40 लाख की एनर्जी ड्रिंक पी रहे मेरठवासी
तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है ऐसे में लोगों की सेहत पर भी गर्मी का असर दिख रहा है। ओआरएस का घोल व अन्य एनर्जी ड्रिंक लोगों का सहारा बन रही हैं।
पश्चिमी यूपी में गर्मी लगातार अपने तीखे तेवर दिखा रही है। जलती-चुभती गर्मी के कारण लोगों का बुरा हाल है। उल्टी, दस्त के साथ पेट दर्द की शिकायतें बढ़ गई हैं। शरीर में पानी की कमी हो रही है, जिसकी भरपाई करने के लिए पिछले 20 दिन में ही एनर्जी ड्रिंक, ग्लूकोज और ओआरएस की मांग मार्च और अप्रैल के मुकाबले चार गुना से भी अधिक बढ़ गई है। जिला ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक हर रोज जिले में करीब 40 लाख रुपये का एनर्जी ड्रिंक, ग्लूकोज और ओआरएस दवा स्टोरों पर बिक रही हैं।
एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि खैरनगर में 100 मेडिकल स्टोर हैं जो हॉलसेल में ग्लूकोज आदि एनर्जी ड्रिंक बेचते हैं। हर रोज की बिक्री करीब 25 लाख रुपये है। करीब 250 मेडिकल स्टोर ऐसे हैं जो ग्लूकोज-ओआरएस हॉल सेल में बेचते हैं, उनकी बिक्री हर रोज की करीब 15 लाख रुपये से ज्यादा है। ग्लूकोज-ओआरएस और दवा कारोबारी पीयूष जैन ने बताया कि यह बिक्री तो हॉल सेल की है। रिटेल में जाकर यह और भी ज्यादा कीमत में लोगों तक पहुंच रहा होगा।
सिर को धूप से बचाएं
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि अक्सर धूप और गर्मी में काम करने वाले और घूमने वाले अगर सावधानी बरतें तो लू और गर्मी से होने वाली परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। तेज गर्म हवाओं में बाहर जाने से बचें। लगातार पानी पीते रहें और सिर को धूप से बचाएं।
ओपीडी में उल्टी दस्त के मरीजों की भरमार
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और पीएल शर्मा जिला अस्पताल की ओपीडी में भी अब हर दिन ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है, जो उल्टी दस्त से परेशान हैं। हालात यह हो गए हैं कि ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़कर 20 फीसदी से ज्यादा हो गई है।
सोमवार को दोनों अस्पतालों में 500 से ज्यादा ऐसे मरीज पहुंचे। कुल मरीजों की संख्या चार हजार से ज्यादा रही। इनमें काफी संख्या में बच्चे भी शामिल रहे।
क्यों देते हैं डॉक्टर ओआरएस घोल पीने की सलाह
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट यानी ओआरएस की मदद से दस्त के दौरान शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा किया जाता है। दस्त के साथ-साथ उल्टी और अधिक पसीना आने की स्थिति में भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा को संतुलित बनाए रखने के लिए खासकर बच्चों को ओआरएस का घोल दिया जाता है।
