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स्मृति शेष: गजलों का शहर सूना हुआ, मोहब्बत का आखिरी मुसाफिर चला गया, अमर रहेगी बशीर बद्र की उम्दा शायरी

Thu, 28 May 2026 08:09 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 28 May 2026 08:09 PM IST
सार

मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र के निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है। मोहब्बत, जुदाई और इंसानी एहसासों को गजलों में पिरोने वाले बशीर बद्र की शायरी हमेशा जिंदा रहेगी।

 

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Legendary Urdu Poet Bashir Badr Passes Away, Leaves Behind a Timeless Legacy of Ghazals
बशीर बद्र - फोटो : kavya

मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र के निधन से साहित्य और शायरी की दुनिया में गहरा शोक है। अपनी अलहदा शैली, आसान लफ्जों और गहरी भावनाओं से करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाले बशीर बद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी गजलें और शेर हमेशा लोगों की यादों में जिंदा रहेंगे।



उनकी शायरी में मोहब्बत की खुशबू, जुदाई का दर्द और जिंदगी की सच्चाइयों का ऐसा मेल था, जो सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचता था। उन्होंने उर्दू गजल को आम लोगों की जुबान और एहसास से जोड़कर उसे नई पहचान दी।

Legendary Urdu Poet Bashir Badr Passes Away, Leaves Behind a Timeless Legacy of Ghazals
बशीर बद्र - फोटो : kavya

आम आदमी के एहसासों को बनाया शायरी की आवाज
बशीर बद्र की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने कठिन और भारी-भरकम शब्दों की जगह आम बोलचाल की भाषा को अपनी गजलों में जगह दी। उनकी शायरी में रोजमर्रा की जिंदगी, रिश्तों की गर्माहट, टूटन, मोहब्बत और तन्हाई साफ महसूस होती है।

उनकी गजलें सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि महफिलों, मुशायरों और लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गईं। यही वजह है कि उनका हर शेर सुनने वालों के दिल में उतर जाता था।

Legendary Urdu Poet Bashir Badr Passes Away, Leaves Behind a Timeless Legacy of Ghazals
बशीर बद्र - फोटो : kavya
भारत-पाक रिश्तों में भी गूंजे बशीर बद्र के शेर
भारत-पाकिस्तान बंटवारे और दोनों देशों के रिश्तों पर भी बशीर बद्र ने कई यादगार शेर लिखे। उनका मशहूर शेर-
'दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,
जब कभी हम दोस्त बन जाएं तो शर्मिंदा न हों'
आज भी लोगों की जुबान पर है। कहा जाता है कि शिमला समझौते के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को यही शेर सुनाया था।
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बशीर बद्र - फोटो : kavya
भोपाल में मिला जिंदगी को नया सहारा
भोपाल में बशीर बद्र की मुलाकात डॉक्टर राहत से हुई, जो बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनीं। कठिन दौर से गुजर रहे बशीर बद्र को उन्होंने संभाला और फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने का हौसला दिया।

बशीर बद्र अक्सर कहा करते थे कि खुदा ने उन्हें गजलों का एक खूबसूरत शहर दिया है और वह अपनी पूरी सल्तनत मोहब्बत के नाम करना चाहते हैं। भोपाल में रहते हुए उन्होंने अपनी शायरी को नई ऊंचाइयां दीं।
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Legendary Urdu Poet Bashir Badr Passes Away, Leaves Behind a Timeless Legacy of Ghazals
जावेद अख्तर - फोटो : पीटीआई

जावेद अख्तर ने जताया शोक
मशहूर गीतकार और शायर जावेद अख्तर ने भी बशीर बद्र के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि उर्दू आज और गरीब हो गई। बशीर बद्र जैसे नायाब शायर का जाना साहित्य जगत के लिए बड़ी क्षति है।

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