मेरठ में विधायक के खिलाफ गुर्जर समाज की नाराजगी का असर हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में भी दिखने लगा है। 19 फरवरी को परीक्षितगढ़ क्षेत्र के ऐंची खुर्द गांव में अधिवक्ता की तेरहवीं पर गुर्जर समाज का बड़ा फैसला हो सकता है। खुफिया विभाग ने इस दौरान महापंचायत के एलान होने का इनपुट दिया है। इससे पुलिस प्रशासन की बेचैनी बढ़ गई है।
वकील आत्महत्या मामला: तेरहवीं में होगी गुर्जर समाज की महापंचायत, पुलिस अफसरों में बढ़ी बेचैनी
उत्पीड़न के चलते की खुदकुशी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता की खुदकुशी के पीछे उत्पीड़न ही है। सुसाइड नोट भी अधिवक्ता ने बहुत ही सोच समझकर लिखा है। पुलिस का कहना है कि सात फरवरी को विधायक के आवास पर हुई बैठक में अधिवक्ता के बेटे लव सिंह और पुत्रवधू स्वाति के परिजन भी मौजूद थे।
तीन दिन से एक भी सबूत नहीं ढूंढा
भाजपा विधायक के बचाव में शुरू से ही जुटी पुलिस ने तीन दिन बाद भी विधायक के खिलाफ एक भी सबूत नहीं ढूंढा है। गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए हैं। पुलिस के पास अभी तक किसी भी सवाल का जवाब नहीं है। जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता वीके शर्मा का कहना है कि कानून भी कहता है कि मरने वाले के सुसाइड नोट ही महत्वपूर्ण साक्ष्य है। पुलिस अब तक इसे नजरअंदाज कर रही है।
हंगामे के बाद कचहरी के गेट पर की फोर्स तैनात
अधिवक्ता ओमकार की मौत से गुस्साए अधिवक्ताओं ने पुलिस को एक घंटे तक छकाया। कचहरी से एसएसपी ऑफिस और कमिश्नरी तक अधिवक्ताओं के आक्रोश के समय सिविल लाइन थाने की पुलिस ही मौजूद थी। हंगामे के बाद फटकार लगने पर कचहरी गेट पर पुलिस का पहरा लगाया गया।
इससे पहले आम सभा की बैठक में भी अधिवक्ताओं ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। एसएसपी ऑफिस में धक्का-मुक्की और अधिकारियों को खरी-खरी सुनाते समय भी कम संख्या में पुलिस मौजूद थी। कमिश्नरी पर जाम लगाने के बाद अधिवक्ताओं के कचहरी लौटने के बाद पुलिस की नींद टूटी।

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