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पार्षद हत्याकांड: चौंकाने वाला होगा खुलासा, जांच में खुले कई बड़े राज, 1.67 करोड़ की जमीन पर था विवाद

Tue, 21 Sep 2021 07:25 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 21 Sep 2021 07:25 AM IST
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Meerut Councilor Murder Case: It has been revealed that there was a dispute over Rs 1.67 crore
मेरठ में हत्या - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में पार्षद जुबैर अंसारी की हत्या का खुलासा बड़ा चौंकाने वाला होगा। हत्या से तीन दिन पहले अब्दुल्लापुर की जमीन को लेकर झगड़ा, भावनपुर थाने में तहरीर देना और दो दिन पहले ही एसएसपी ऑफिस में शिकायती पत्र देना, यह सब जुबेर हत्याकांड की साजिश का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। 1.67 करोड़ रुपये कीमत की जमीन को कब्जाने के लिए जुबेर को मारा गया है। पुलिस का हाजी फतेहयाब और जब्बार पर शक और गहरा गया है। 



28 अगस्त को शास्त्रीनगर स्थित संतोष हॉस्पिटल के पास जुबेर की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की थी। 21 दिन बाद पुलिस हत्या का खुलासा करने जा रही थी कि हाजी फतेहयाब के बेटे सालिम ने शनिवार खुद को गोली मारकर जान दे दी। फतेहयाब हत्या के मामले में शक के दायरे में है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही थी। इसी से क्षुब्ध होकर सालिम ने खुदकुशी करने की बात सुसाइड नोट में लिखी है। पुलिस की गर्दन फंसी तो खुलासा करने से थोड़ा पीछे हट गई। सोमवार को सालिम के शव का सुपुर्द-ए-खाक होने के बाद पुलिस ने फिर से हत्यकांड की जांच आगे बढ़ा दी।

Meerut Councilor Murder Case: It has been revealed that there was a dispute over Rs 1.67 crore
मेरठ में पार्षद का मर्डर। - फोटो : amar ujala

पड़ताल में सामने आया कि इस हत्या के पीछे गहरी साजिश है। जुबेर का अलग-अलग तीन जगह जमीन को लेकर विवाद था। अब्दुल्लापुर, बजोट और देहरादून में जमीन से जुड़े विवाद अहम हैं। पुलिस ने तीनों जगह जांच की। इसमें देहरादून की जमीन पर हत्या होने का शक गहराया। इसका ताल्लुक हाजी फतेहयाब और जब्बार से जुड़ा होना बताया गया। अब्दुल्लापुर की जमीन पर पार्षद हाजी दिलशाद से विवाद है। इसमें समझौते की गुंजाइश थी।

Meerut Councilor Murder Case: It has been revealed that there was a dispute over Rs 1.67 crore
पार्षद की हत्या का मामला। - फोटो : amar ujala

हत्या का शक दूसरे लोगों पर जाए, इस मंशा से अब्दुल्लापुर की जमीन पर झगड़ा कराकर मामला भावनपुर के थाने तक पहुंचा दिया। इसके बाद 26 अगस्त को जुबैर अंसारी और उसके पार्टनर जिया ने एसएसपी ऑफिस पर जाकर शिकायती पत्र दिया। इसमें जुबेर ने खुद की जान को खतरा बताया। यह घटनाक्रम साजिश का हिस्सा था। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि हत्या में महत्वपूर्ण बिंदू मिले हैं।

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Meerut Councilor Murder Case: It has been revealed that there was a dispute over Rs 1.67 crore
मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस। - फोटो : amar ujala

हत्या के बाद शूटर शुएब ने किया था आत्मसमर्पण
जुबेर की हत्या के दो दिन बाद लिसाड़ीगेट का शुऐब भावनपुर थाने के एक मुकदमे में जमानत तुड़वाकर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर जेल चला गया। जांच में शुऐब का नाम सामने आया तो पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की। बताया गया कि शुऐब शातिर अपराधी है। अभी उससे जानकारी ली जा रही है।

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Meerut Councilor Murder Case: It has been revealed that there was a dispute over Rs 1.67 crore
मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : amar ujala

अब जल्द हो जाएगा खुलासा 
सालिम की खुदकुशी के बाद जुबेर हत्याकांड में नया मोड़ आ सकता है। जुबेर को .32 बोर की पिस्टल से मारा गया। सालिम की मौत में .32 बोर की पिस्टल बरामद हुई है। वहीं, जावेद पहलवान व पार्षद आरिफ की हत्या में भी .32 पिस्टल इस्तेमाल हुई है। अंदेशा है कि इस पिस्टल से हत्या करने वाले शूटर हैं। सुपारी लेकर जुबैर, जावेद और आरिफ समेत कई लोगों की हत्या की गई है। सालिम के पोस्टमार्टम रिर्पार्ट का पुलिस को इंतजार है। पुलिस जल्द खुलासा करेगी।

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