मेरठ के शीतगृह में हुए हादसे में दूसरे दिन डीएम द्वारा गठित टीम सुबह 10:00 बजे ही पहुंच गए या दिनभर यही मंथन रहा कि अमोनिया गैस को कैसे खाली कराया जाए और जहां पर हादसा हुआ है वह हिस्से को कैसे गिराया जाए यह हिस्सा ध्वस्त कराने के लिए हाइड्रो और मलबा हटाने के लिए जेसीबी भी आ गई थी। बाद में तय हुआ कि अमोनिया गैस खाली कराने के बाद ही जर्जर इमारत को ध्वस्त किया जाएगा। डीएम दीपक मीणा ने जांच के लिए 5 सदस्य कमेटी का गठन कर दिया था। इस कमेटी में 24 घंटे से रिपोर्ट मांगी गई। टीम यहां निगरानी करती रही टीम ने मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक के क्षेत्र को सील कर दिया। इसके बाद एडीएम प्रशासन अमित कुमार सहित अन्य ने निरीक्षण किया। टीम ने बताया कि यह इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इसे गिराया जाएगा लोक निर्माण विभाग से वशीकरण में खर्च का आकलन कर रिपोर्ट मांगी गई है। इस पर जो भी खर्च होगा वह शीत गृह के मालिक को वहन करना होगा ।इसके बाद चौधरी चंद्रवीर सिंह की ओर से संदीप ठेकेदार विक्रांत अहलावत संजय प्रधान और रवि चौधरी ने टीम और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखा कि इतनी बड़ी इमारत को ऐसे ना गिराया जाए। जहां जरूरत है वहां तक ही गिराया जाए। दोपहर बाद 3:00 बजे इमारत गिराने के लिए दो हाइड्रा और जेसीबी मशीन भी आ गई लेकिन फिर टैंकर में 2 टन के करीब अमोनिया गैस भरी होने के कारण कार्यवाही रोक दी गई है। किया गया कि पहले अमोनिया गैस को खाली कराया जाएगा। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर इमारत को ध्वस्त किया जाएगा। रविवार सुबह गाजियाबाद से अमोनिया गैस को खाली कराने के लिए पहुंची और गैस को खाली कराने का कार्य शुरू कराया गया।
मेरठ गैस हादसा: अमोनिया गैस खाली कर ध्वस्त कराई जाएगी इमारत, मेडिकल में भर्ती घायल बोले शुक्र है- हम जिंदा हैं
शीत गृह के मालिक पूर्व विधायक चंद्रवीर सिंह ने कहा कि इस हादसे का उन्हें बेहद दुख है, मन इतना दुखी है कि कुछ कहा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि शीतगृह में चाहे और नुकसान हो जाता लेकिन मजदूरों के साथ जो हुआ वह दुखद है वह मजदूरों और उनके परिवारों के साथ हैं। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस से मृतकों और घायलों को उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने घटना की जांच में हर संभव सहयोग की बात कही वही कोल्ड स्टोर में हादसे के बाद शनिवार को भी अमोनिया गैस का रिसाव होता रहा। इसके चलते यहां मौजूद पुलिस प्रशासन के अधिकारी फिर से अलर्ट हो गए। एक तकनीशियन को बुलाकर रिसाव बंद कराया गया। यह रिसाव अब तक मुसीबत बना हुआ है। आज अमोनिया गैस को खाली कराने के लिए गाजियाबाद से टीम पहुंची।
एनडीआरएफ इंस्पेक्टर राजीव विश्वकर्मा ने बताया कि हम ओरिया गैस को खाली कराने की कवायद शुरू हो गई है। गाजियाबाद की एस को कंपनी की टीम अमोनिया गैस खाली कराने के लिए आज सुबह पहुंच गई। दो गैस टैंकरों में रखी गैस को करीब 40 से 50 सिलेंडर में भरा जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से 200 मीटर तक का क्षेत्र पूर्ण रूप से खाली करा लिया गया है। पास स्थित स्कूल की छुट्टी कर दी गई हादसे के बाद शीतगृह के बराबर में दिल्ली पब्लिक स्कूल के दौराला शाखा में छुट्टी कर दी गई। शनिवार सुबह स्कूल प्रबंधक ने अभिभावकों को ग्रुप में मैसेज भेज कर छुट्टी की सूचना दी। बताया गया कि स्कूल में 4 दिन का अवकाश कर दिया गया है। स्कूल के दोनों द्वार बंद है हादसे के बाद से अभिभावक भी बच्चों को लेकर काफी चिंतित हैं।
दौराला में शीत ग्रह में हुए हादसे में मजदूर बलवंत की मौत के बाद उसके परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। मेरठ मेडिकल में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बलवंत के ससुर सोमराज ने बताया कि बलवंत के मां-बाप की पहले ही मौत हो गई है जबकि उसकी 4 बेटियां है। अब परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। चारों बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। ऐसे में पत्नी और बच्चों का लालन-पालन कौन करेगा। इसे लेकर वह चिंतित है, सोमराज के पास बलवंत की पत्नी शामलो का लगातार फोन आ रहा है, उनका रो-रो कर बुरा हाल है।
रोते हुए बोला जगदीश माथे पर लग गया कलंक
पोस्टमार्टम हाउस पर ठेकेदार जगदीश जी बैठे थे जगदीश जी सभी मजदूरों को काम के लिए लाए थे। रोते हुए जगदीश ने कहा कि इस हादसे के बाद उनके माथे पर कलश लग गया है। साथ ही मजदूरों को उन पर भरोसा था कि वह जहां भी लेकर जाते हैं। अच्छी तरह से काम करा कर लौटते हैं उनके जीवन में यह हादसा पहली बार हुआ है और उनके जीवन पर इसका कलेक्ट भी लग गया। दो भाइयों के साथ आया था बलवंत बलवंत अपने दो भाई सुदेश कुमार और सूरज चंद के साथ रोजी रोटी कमाने के लिए उधमपुर से मेरठ आया था। हादसे में बलवंत की तो मौत हो गई जबकि दोनों भाई घायल है। उनका उपचार मेडिकल की इमरजेंसी में चल रहा है। बलवंत पत्नी और बच्चों से कह कर आया था कि जल्द ही काम पूरा करके पैसे कमा कर लौटेगा लेकिन अब हमेशा के लिए ही परिवार को छोड़कर जा चुका है। उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग की है।