जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हुआ मेरठ का लाल शनिवार को शहीद हो गया। बताया गया कि मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी मेजर मयंक विश्नोई घाटी में दुश्मनों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उनका उधमपुर के सैनिक अस्पताल में उपचार चल रहा था। शनिवार सुबह उन्होंने सैनिक अस्पताल में वीरगति प्राप्त की।
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बताया गया कि शहीद मेजर मयंक विश्नोई कंकरखेड़ा स्थित शिवलोक आवास पर आखिरी बार अप्रैल-2021 में आए थे। उस समय परिवार अचानक से कोरोना पीड़ित हो गया। उनके पिता, माता और पत्नी को भी कोरोना हो गया। यहां भी उन्होंने परिवार की सेवा की। सभी के स्वस्थ होने के बाद वह पत्नी स्वाति के साथ हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर चले गए। वहां से वह अपनी ड्यूटी पर चले गए थे।
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जानकारी के मुताबिक मेजर विश्नोई आईएमए देहरादून से साल 2010 में पास आउट हुए थे। वहीं पूरे परिवार को मयंक की शहादत पर जहां एक ओर गर्व गर्व है वहीं, बेटे की शहादत की खबर सुनकर उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं भाई के शहीद होने की खबर मिलते ही उनकी दोनों बहनें गुमसुम हो गई और बेड पर बैठकर उनकी फोटो को एकटक देखकर आंसू बहाती रहीं। आसपास की महिलाएं भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचीं।
कल दोपहर एक बजे तक घर पहुंचेगा पार्थिव शरीर
सेना के अनुसार कल दोपहर एक बजे तक पार्थिव शरीर मेरठ पहुंचेगा। उनकी पत्नी उधमपुर में ही मौजूद हैं। वहीं, मयंक के माता-पिता उधमपुर से मेरठ के लिए रवाना हो चुके हैं। वे आज शाम तक मेरठ आ जाएंगे।
सिर में लगी थी गोली
परिजनों ने बताया कि 27 अगस्त 2021 को शोपियां में दुश्मन से लोहा लेते हुए मयंक के सिर पर गोली लगी थी। गंभीर अवस्था में मयंक को उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सूचना पर पिता वीरेंद्र विश्नोई, माता मधु बिश्नोई और पत्नी स्वाति विश्नोई उधमपुर पहुंच गए।
