मेरठ के परीक्षितगढ़ भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलसे श्रद्धालु अब भी उस भयावह मंजर को याद कर सिहर उठते हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार रथ का ध्वज अचानक बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया और तेज झटका लगते ही करंट फैल गया। देखते ही देखते श्रद्धालु एक-एक कर जमीन पर गिरने लगे। कुछ ही पलों में मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। हादसे में झुलसे सचिन की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
रथ यात्रा हादसा: अफसरों के पहुंचने से पहले हटाया रथ का श्रंगार, जांच जारी, झुलसे लोगाें की हालत में सुधार
मेरठ के परीक्षितगढ़ में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हाइटेंशन लाइन की चपेट में आए श्रद्धालुओं ने हादसे का भयावह मंजर बताया। तेज करंट लगते ही लोग गिरने लगे। हादसे के बाद रथ की सजावट हटाए जाने से जांच में भी चुनौती सामने आई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तेज झटका लगा और एक-एक कर गिरने लगे श्रद्धालु
हादसे में झुलसे विशेष धामा ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ भगवान जगन्नाथ का रथ खींच रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज झटका लगा और पूरे शरीर में करंट दौड़ गया। कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वह जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
चेतन ने बताया कि बारिश के बीच सभी श्रद्धालु रथ खींच रहे थे। अचानक ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन रथ के संपर्क में आ गई। बारिश के कारण रथ भीगा हुआ था। करंट फैलते ही वह भी जमीन पर गिर पड़े।
मदनपाल के अनुसार रथ खींचते समय अचानक हाइटेंशन लाइन का करंट उतर आया। झटका इतना तेज था कि उनके हाथ सुन्न हो गए और वह बेहोश होकर गिर पड़े। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें होश आया। महेश शर्मा ने बताया कि हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला।
करंट लगते ही मची भगदड़, घायलों को अस्पताल पहुंचाया
अचानक करंट फैलने से कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े। रथ पर सवार लखीमपुर खीरी निवासी 63 वर्षीय महाराज भारतदास भी झुलस गए। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार मच गई।
आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को परीक्षितगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पल्स अस्पताल और बालाजी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसे श्रद्धालुओं में सचिन समेत कुछ लोगों को मेरठ के अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने सचिन को मृत घोषित कर दिया। सचिन अविवाहित था और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था।
अफसरों के पहुंचने से पहले रथ की सजावट हटाई गई
हादसे के बाद प्रशासनिक जांच तेज हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने रथ की ऊंचाई नापने की प्रक्रिया शुरू की।
हालांकि प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही रथ के संयोजकों ने उसकी सजावट उतार दी थी। इससे हादसे के समय रथ की वास्तविक ऊंचाई का आकलन करने में जांच टीम को चुनौती का सामना करना पड़ा।जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने की सूचना पर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता कुमार विकल और सहायक अभियंता शांतनु तकनीकी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने हाइटेंशन लाइन की ऊंचाई की जांच के निर्देश दिए। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पल्स और बालाजी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रसाद और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. रवि शंकर शर्मा ने भी अस्पताल पहुंचकर उपचार की जानकारी ली।
बिजली विभाग के खिलाफ लोगों में नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप था कि घटना के बाद भी विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर नहीं पहुंचे। कुछ लोगों ने हाइटेंशन लाइन के नीचे होने को हादसे की वजह बताया।
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान एक झांकी बिजली की लाइन से टकरा गई थी, जिससे हादसा हुआ। झुलसे श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।