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यूपी: गंगनहर की खूनी पटरी पर दरके सुरक्षा के दावे, छह माह में समाए बीस से भी ज्यादा वाहन 

Sun, 26 May 2019 02:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 26 May 2019 02:55 PM IST
सार

  • 60 लोगों की हुई थी वर्ष 2018 में मौत गंगनहर में गिरने से
  • 20से ज्यादा लोग वाहन समेत गंग नहर में गिर चुके हैं वर्ष 2019 में

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more than twenty vehicles in six months sank into the Gang nahar
खतौली गंगनहर में गिरी स्कार्पियो। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

गंगनहर पटरी पर हादसे रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के बड़े-बड़े दावे हवाई साबित हो रहे हैं। गंगनहर पटरी को सुरक्षित करने का मसला कई बार उठा। लेकिन हर बार दावों में दब जाता है। शनिवार को फिर नहर में कार गिरने के बाद पांच लोगों की मौत हो गई। सरकारी विभाग हमेशा की तरह एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ने लगते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि इस लापरवाही और उदासीनता का जिम्मेदार कौन है।


 
more than twenty vehicles in six months sank into the Gang nahar
गंगनहर में कार गिरने से तीन लोगों की मौत पर विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार और गाजियाबाद के बीच मेरठ जिले की सीमा में गंगनहर पटरी मार्ग की लंबाई 42 किमी है। काफी जर्जर हो चुकी सड़क का जबसे निर्माण हुआ है, यहां वाहनों की स्पीड काफी बढ़ गई। लेकिन अधिकांश स्थानों पर गंग नहर वाली साइड में पटरी की रेलिंग टूटी हुई है। दूर दूर तक भी रेलिंग नहीं है। जहां है, वहां सड़क की मरम्मत कार्य होने पर रेलिंग सड़क के समतल आ गई।


 
more than twenty vehicles in six months sank into the Gang nahar
गंगनहर

वहीं, पथ प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। जबकि गंगनहर की गहराई जहां बहुत अधिक है तो पानी का बहाव भी तेज रहता है। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में कांवड़िए जल लेकर अपने गंतव्य पर पहुंचते हैं। कई बार शासन स्तर से नहर पटरी की दशा सुधारने के निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन उसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।


 
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more than twenty vehicles in six months sank into the Gang nahar
गंगनहर

गंगनहर पटरी पर बचाव के इंतजाम नहीं
गंगनहर पटरी मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन नहर में समा जाते हैं। जिले में न तो गोताखोरों की टीम है और न बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम। एनडीआरएफ की टीम को  भी गाजियाबाद से बुलाया जाता है। जानी, रोहटा, सरूरपुर, सरधना थाना क्षेत्र में वर्ष 2108 में 60 लोगों की तो इस साल भी 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। एसपी देहात और एसडीएम सदर ने कहा कि पटरी पर हाइट गेज लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। स्पीड ब्रेकर बनाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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more than twenty vehicles in six months sank into the Gang nahar
गंगनहर

न रेलिंग लगी न बने ब्रेकर
दिसंबर 2018 में सभी सरकारी विभागों की बैठक हुई थी। जिसमें उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए थे कि गंगनहर पटरी मार्ग पर रेलिंग, स्पीड ब्रेकर, हाइट गेज लगाए जाएंगे। लेकिन सभी विभाग सो गए और कुछ नहीं हुआ। उसके तीन माह बाद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में फिर से यही आदेश उच्च अधिकारियों ने दिए। लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी।

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