चार साल पहले एक मिस कॉल से शुरू हुई हापुड़ के धौलाना थानाक्षेत्र के बझेड़ा गांव निवासी आयशा और खरखौदा के गोविंदपुर गांव के ड्राइवर मुश्ताक की प्रेम कहानी का मंगलवार शाम खौफनाक अंत हो गया। आयशा और उसकी दो मासूम बेटियों के शव एक ही पेड़ पर लटके मिले। घटनास्थल का पहुंचे ग्रामीण बोले कि हत्या के बाद शव पेड़ पर लटकाए गए हैं।
पांच घंटे में तीन जिंदगियां खत्म : पति-पत्नी में हुई थी मारपीट, फिर पेड़ से लटकी मिलीं मां-बेटियों की लाशें
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पूरा घटनाक्रम देखकर पुलिस भी हत्या की जांच करने की बात कह रही है। पुलिस की सूचना पर मायके से आयशा के भाई नफीस पहुंचे और कहा कि उसने परिवार की मर्जी बगैर निकाह किया था। उससे परिवार का कोई वास्ता नहीं। पुलिस के मुताबिक मुश्ताक ने पूछताछ में बताया कि चार साल पहले आयशा की मिस कॉल आई थी। जिसके बाद फोन पर बातचीत शुरू हुई व प्रेम प्रसंग हो गया। दोनों ने परिवार की मर्जी बगैर निकाह कर लिया। पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह 9:00 बजे मुश्ताक का आयशा से झगड़ा हुआ था।
आयशा घर में आग लगाकर मरने की बात कह रही थी। उसने कुछ कपड़ों में आग लगा दी थी। मुश्ताक की सूचना पर पुलिस पहुंची। सात घंटे बाद करीब 4:00 बजे आयशा व उसकी दोनों बच्चियों के शव एक ही पेड़ पर फंदे पर लटके मिले। बताया कि दो घंटे मुश्ताक पुलिस के साथ अपनी पत्नी को ढूंढने में शामिल था, लेकिन पांच घंटे वह कहां था। इसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता। मुश्ताक के पास कोई मोबाइल भी नहीं था। ग्रामीणों का कहना है कि महिला और उसके बच्चियों ने आत्महत्या नहीं की है। यह हत्या हो सकती है। आत्महत्या दर्शाने के लिए शवों को पेड़ पर लटकाया है।
आयशा और उसकी दो बेटियों की मौत के मामले में कई सवाल सुलग रहे हैं। अगर आत्महत्या की थ्योरी को सही मानें तो फिर 17 फीस ऊंचे शीशम के पेड़ पर वह
कैसे चढ़ी। सीओ किठौर अमित कुमार का कहना है कि यह संदेह के दायरे में है। सीओ के मुताबिक महिला ने घर में आग लगाने का प्रयास भी किया था, इसी सूचना
पर यूपी 112 की गाड़ी पहुंची थी। कुछ कपड़े भी जले हुए घर में मिले हैं।