इस विधानसभा चुनाव में रालोद के साथ गठबंधन कर लड़ रही समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। इससे पहले सबसे ज्यादा तीन सीटें ही एक बार में जीती थीं, जबकि 2017 में तो सिर्फ एक ही सीट जीत पाई थी, छह सीटें भाजपा ने कब्जाई थीं। इस बार सपा ने तगड़ा पलटवार किया। चार सीटें जीती हैं, जो करीब 58 प्रतिशत है। इससे पहले यह प्रतिशत 43 से ज्यादा नहीं रहा था। मेरठ में इस प्रदर्शन के बावजूद प्रदेश में सरकार न बनने का मलाल सपा नेताओं को रह गया, जो अब पांच साल सालता रहेगा।
UP Election Results 2022: खूब दौड़ी साइकिल... पर रह गया जीत का मलाल, पढ़िए मेरठ की सीटों का पूरा इतिहास
Uttar Pradesh Election Result 2022: इस विधानसभा चुनाव में रालोद के साथ गठबंधन कर लड़ रही समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। इससे पहले सबसे ज्यादा तीन सीटें ही एक बार में जीती थीं, जबकि 2017 में तो सिर्फ एक ही सीट जीत पाई थी, छह सीटें भाजपा ने कब्जाई थीं।
प्रभुदयाल वाल्मीकि ने सपा के टिकट पर 2002 और 2012 में हस्तिनापुर सीट रालोद की झोली में डाली थी। हालांकि इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला। उनकी जगह हस्तिनापुर से योगेश वर्मा लड़े और हार गए।
शहर सीट पर 2007 में पहली बार सपा के रफीक अंसारी ने जीत दर्ज की तो 2012 में सिवालखास से हाजी गुलाम मोहम्मद जीते। इस सीट पर भी एक-एक बार उनका खाता खुला है। अब दोनों सीटों पर दो बार की जीत दर्ज हो गई है। कैंट, दक्षिण और सरधना में सपा को खाता खोलने का इंतजार था। सरधना में खाता खुल गया है, हालांकि कैंट और दक्षिण सीट कभी न जीत पाने का सपना भी अभी अधूरा है।
किस सीट पर सपा कितनी बार जीती
सीट जीते
किठौर 4
हस्तिनापुर 2
शहर 2
सिवालखास (गठबंधन) 2
सरधना 1
इन सीटों पर कभी नहीं मिली जीत
मेरठ कैंट, मेरठ दक्षिण
2017 में कहां किस नंबर पर रही थी सपा
किठौर: 79800 मत लेकर शाहिद मंजूर दूसरे नंबर पर रहे थे।
सिवालखास: 61421 मत पाकर हाजी गुलाम मोहम्मद दूसरे नंबर पर रहे थे।
शहर: भाजपा के डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को हराकर सपा के रफीक अंसारी जीते।
कैंट: सपा ने गठबंधन में सीट कांग्रेस को दे दी थी। कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे।
मेरठ दक्षिण: सपा ने गठबंधन में यह सीट कांग्रेस को दी। कांग्रेस प्रत्याशी 39650 मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहे।
सरधना: सपा के अतुल प्रधान 76296 मत लेकर दूसरे नंबर पर रहे।
हस्तिनापुर: 63374 मत के साथ सपा के प्रभुदयाल वाल्मीकि दूसरे नंबर पर रहे।