रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल हुई है। बाबा को लखनऊ की गद्दी त्यागनी होगी। देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था गर्त में जा रही है। दिल्ली में आंदोलनजीवियों की जीत है और अगर अपना हक पाना है तो सबको आंदोलनजीवी बनना पड़ेगा। भाजपा कैराना के पलायन और जिन्ना का मुद्दा चलाती है और हम गन्ने के मुद्दे पर लोगों के बीच पहुंचते हैं।
ऐतिहासिक फैसले के बाद जयंत की बड़ी रैली: पीएम-सीएम पर जमकर बोला हमला, कहा- बाबा को त्यागनी होगी लखनऊ की गद्दी
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किसानों को बरगला नहीं पाए प्रधानमंत्री
चौधरी जयंत सिंह ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी जी कह रहे हैं कि मेरा इरादा अच्छा था पर हम कुछ किसानों को समझा नही पाए, सही बात ये है कि मोदी जी, उन्हे बरगला नहीं पाए। मैं उनको बता देना चाहता हूं कि अब किसानों ने समझ लिया है, अगली पीढ़ी ने भी समझ लिया और किसान गंवार नही हैं। किसान अब इनकी झूठी बातों में आने वाला नहीं है।
उत्तर प्रदेश पर बढ़ रहा है कर्ज
चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि 2017 में प्रदेश पर चार लाख करोड़ का कर्ज था, जो आज बढ़कर छह लाख करोड़ का हो गया है।
कानून वापसी अजित सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि
रालोद अध्यक्ष ने कहा कि यह चौधरी साहब की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि इस क्षेत्र में वे उद्योग धंधे लगे जो यहां की मुख्य फसल गन्ने से जुड़े हुए थे। जिससे किसानों को उनकी गन्ने की फसल के दाम भी मिले और हजारों युवाओं को नौकरी भी मिली। कृषि कानून वापस हुए तो यह उन्हें सच्ची श्रद्धांजिल हुई। उन्होंने आंदोलन को नई ताकत दी थी।
आखिरी बार मुसीबत झेल रहे हैं किसान
रालोद अध्यक्ष ने कहा कि यह आखिरी गन्ने का सत्र है, जिसमें किसानों को मुसीबत झेलनी हैं। अगले सत्र में हमारी सरकार बनेगी, तो किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम मिलेगा। बहुजन उदय अभियान के तहत चौधरी जयंत सिंह ने वंचित समाज के लोगों को मुख्य धारा में लाने के लिए लोगों से आह्वान किया।