{"_id":"5a2f82a14f1c1b156b8bbb79","slug":"anurag-kashyap-new-movie-mukkabaaz-shows-life-of-varanasi-boxers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अनुराग कश्यप की फिल्म ‘मुक्काबाज’ में दिखेगा बनारस के मुक्केबाजों का संघर्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुराग कश्यप की फिल्म ‘मुक्काबाज’ में दिखेगा बनारस के मुक्केबाजों का संघर्ष
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 14 Dec 2017 02:09 PM IST
विज्ञापन
mukkabaaz
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाने-माने फिल्ममेकर अनुराग कश्यप की नई फिल्म ‘मुक्काबाज’ में मुक्केबाजों की जिंदगी और उनके संघर्ष को दिखाया गया है। इस फिल्म की शूटिंग बनारस और आस पास के इलाकों में हुई है। इसमें रविकिशन के अलावा कई ऐसे कलाकारों ने अभिनय किया है जो बनारस क्षेत्र के रहने वाले हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें ....
mukkabaaz
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में इस खेल की क्या स्थिति है और खिलाड़ियों को कैसी-कैसी परेशानियों से गुजरना होता है, इन बिंदुओं पर आधारित फिल्म 12 जनवरी को रिलीज होगी। खास बात यह है कि इस फिल्म में बनारस के कई खिलाड़ियों ने अपने अभिनय का जलवा दिखाया है और इसकी अधिकांश शूटिंग भी बनारस में ही हुई है।
ravi kishan
- फोटो : twitter
‘मुक्काबाज’ में रेफरी की भूमिका निभाने वाले शशि प्रकाश सिंह बनारस के रहने वाले हैं। राष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज और बाक्सिंग के अंतरराष्ट्रीय रेफरी शशि सनबीम स्कूल में खेल शिक्षक भी हैं। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में अभिनय के लिए जब अनुराग कश्यप का फोन आया तो उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
mukkabaaz
- फोटो : self
अनुराग ने कहा कि उन्हें रियलिस्टिक सिनेमा बनाना है और दर्शकों को रियल फाइट दिखानी है। फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि खेल जगत में भी जातिवाद और भ्रष्टाचार किसी तरह हावी हो गया है। बाक्सर के संघर्ष को लव स्टोरी के जरिए दिखाने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन
paintra
- फोटो : twitter
फिल्म की कहानी श्रवण सिंह नाम के एक बॉक्सर की है जो, स्थानीय डॉन के जिम में बॉक्सिंग सीखता है। इसी दौरान उसे डॉन की भतीजी से प्यार हो जाता है। फिल्म को रियलिस्टिक बनाने के लिए इसके हीरो ने एक साल तक एक बॉक्सर के साथ रहकर बाक्सिंग की ट्रेनिंग ली और उस दौरान खिलाड़ियों के संघर्ष और खेल की हकीकत को समझा।