सूरत की दो बहनों से रेप के आरोप में जेल में बंद आसाराम के बेटे और ओजस्वी पार्टी के संस्थापक नारायण साई वाराणसी के शिवपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। ओजस्वी पार्टी ने कल घोषणा की कि यदि न्यायालय से नारायण साई को जमानत नहीं मिली तो वे जेल से ही चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा साई के गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट से भी चुनाव लड़ने की संभावना है।
बनारस से चुनाव लड़ेगा आशाराम का बेटा, जाने क्यों
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ओजस्वी पार्टी के प्रदेश महासचिव सतीश चंद्र सिंह और प्रदेश सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पार्टी पंजाब के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश की 150 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इनमें बनारस की पांच सीटें भी शामिल हैं। उनकी ओजस्वी पार्टी को उत्तर प्रदेश में चुनाव चिह्न टेंट और पंजाब में बांसुरी का निशान मिला है। नारायण साई 2013 में ओजस्वी पार्टी की स्थापना कर दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते थे ।
लेकिन यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद चुनाव लड़ना संभव नहीं हुआ। गुजरात पुलिस के अनुमान के अनुसार नारायण साई के पास 5000 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। आसाराम और नारायण साई के खिलाफ सूरत की दो बहनों ने जहांगीरपुरा पुलिस चौकी में रेप का मामला दर्ज कराया था। सूरत पुलिस ने छह अक्तूबर को दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
फिलहाल पिता-पुत्र दोनों जेल में हैं। मामला अदालत में विचाराधीन है। शिवपुर विधानसभा से आसाराम के बेटे नारायण साई के चुनाव लड़ने पर इनके अनुयाइयों के अलावा धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के कुछ वोट इनको मिल सकता है। हरहुआ के अनौरा में आसाराम का आश्रम है। क्षेत्र में आसाराम के पांच से आठ हजार अनुयाई बताए जाते हैं।
2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा को 26.45 प्रतिशत, सपा को 19.59 प्रतिशत और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को 17.79 प्रतिशत वोट मिले थे। इनके अलावा कांग्रेस, अपना दल के बाद छठवें स्थान पर भाजपा को 6.77 प्रतिशत वोट मिले थे। 2012 में इस सीट पर बसपा के उदय लाल मौर्य को 48716 वोट मिले। सपा के डॉ. पीयूष यादव को 36084 वोट मिले थे। बसपा प्रत्याशी 12632 वोट से जीते थे।