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PHOTO: 42 हजार दीयों से रौशन हो उठी करपात्री महाराज की तपोस्थली, चित्रों में देखें आकर्षक नजारा

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 05 Aug 2024 10:57 PM IST
सार

Varanasi News: धर्म की नगरी काशी में धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज का प्राकट्योत्सव मनाया गया। इस दौरान उनकी तपोस्थली को दीयों से सजाया गया। उनके भक्तों ने पूरे परिसर को फूल-मालाओं से सजा दिया था। प्रमुख संतों ने प्रथम दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

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Deepawali in varanasi place of penance of Karpatri Maharaj was illuminated with 42 thousand lamps
धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज का प्राकट्योत्सव मनाया गया। - फोटो : अमर उजाला

धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोस्थली सोमवार की शाम को दीपों के प्रकाश से जगमगा उठी। 117वें करपात्र प्राकट्योत्सव की पूर्व संध्या पर दुर्गाकुंड स्थितद धर्मसंघ में करपात्र दीपावली मनाई गई। शहनाई की मंगल ध्वनि के साथ पूरे परिसर में एक साथ 42 हजार 705 दीप जल उठे। पूरे धर्मसंघ में अत्यंत विहंगम दृश्य नजर आ रहा था।

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Deepawali in varanasi place of penance of Karpatri Maharaj was illuminated with 42 thousand lamps
करपात्र प्राकट्योत्सव। - फोटो : अमर उजाला

सोमवार की शाम गोधूलि बेला में प्रांगण स्थित मणि मंदिर को सजाया गया था। सर्वप्रथम धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज, 1008 बापौली धाम ब्रह्मचारी महाराज, महेश चैतन्य महाराज एवं पं. जगजीतन पांडेय ने मणि मंदिर के मुख्य सभागार में वेद मंत्रों के बीच प्रथम दीपक जलाया। 

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Deepawali in varanasi place of penance of Karpatri Maharaj was illuminated with 42 thousand lamps
करपात्र प्राकट्योत्सव। - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद वैदिक आचार्य व बटुकों ने एक साथ पूरे धर्मसंघ प्रांगण में दीपक जलाए। मंदिर के सामने मैदान में पांच सहस्त्र दीप मालिका भी प्रज्ज्वलित की गई। 

Deepawali in varanasi place of penance of Karpatri Maharaj was illuminated with 42 thousand lamps
करपात्र प्राकट्योत्सव। - फोटो : अमर उजाला

संपूर्ण प्रांगण में विद्युत झालरों एवं दीप मालाओं की भी आकर्षक सजावट की गई थी। इस मौके पर दीपक एवं विभिन्न प्रकार के पुष्पों से सनातन धर्म के प्रतीक चिह्न बनाए गए थे। इसमें स्वास्तिक, ओमकार, त्रिशूल, नंदी, शंख, कमल पुष्प के प्रतीक चिन्ह थे। 

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करपात्र प्राकट्योत्सव। - फोटो : अमर उजाला
फूलों की रंगोली भी सजाई गई थी। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि आज के दिन हम स्वामी करपात्री जी महाराज के इस धरती पर अवतरित हुए दिनों के बराबर दीपदान कर उन्हें नमन करते हैं।
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