धार्मिक स्थलों से अवैध लाउडस्पीकर हटाए जाने के शासन के आदेश के बाद अब वाराणसी में भी पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। मंगलवार को जिले में मंदिर और मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर को उतारे गए। पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। चौबेपुर में पुलिस ने सुबह एक मस्जिद पर पहुंचकर वहां लगे लाउडस्पीकर को उतरवाया।
इधर अर्दली बाजार स्थित महावीर मंदिर पर जो भी लाउडस्पीकर लगाए गए थे, उनको महंत की देखरेख में उतरवा लिया गया है। शिवपुर स्थित अष्टभुजा देवी मंदिर से लाउड स्पीकर उतारा गया। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी भी धर्मगुरुओं संग बैठक कर आदेश का अनुपालन कराने की अपील कर रहे हैं।
मंगलवार को डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने मंगलवार को आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित एक बैंक्वेट हॉल में धर्म गुरुओं, प्रबुद्ध जनों संग बैठक कर कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने की अपील की।
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डीसीपी काशी जोन ने की धर्म गुरुओं संग की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
डीसीपी काशी जोन ने यह भी कहा कि आदेश के क्रम में धर्मस्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर नहीं बजाए जाएंगे। ध्वनि तीव्रता इतनी हो कि परिसर के बाहर आवाज न जाए। आदमपुर थाना परिसर में आयोजित बैठक में डीसीपी काशी ने कहा कि न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए लाउड स्पीकर निर्धारित ध्वनि तीव्रता के अनुसार ही बजाएं।
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वाराणसी में मंदिर से उतारा गया लाउडस्पीकर
- फोटो : अमर उजाला
तीव्र आवाज के कारण ध्वनि प्रदूषण होता है, जिसके कारण बुुजुर्गों, छात्रों, रोगियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसलिए अवैध रूप से लगे स्पीकरों, साउंड बाक्सों को हटा लें। यह भी कहा कि शादी समारोह, जुलूस में बिना अनुमति कोई भी लाउड स्पीकरों का प्रयोग नहीं होगा और अनुमति के बाद ही निर्धारित ध्वनि तीव्रता का पालन करते हुए ही लाउड स्पीकर बजाया जा सकेगा।
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वाराणसी में मस्जिद से उतारा गया लाउडस्पीकर
- फोटो : अमर उजाला
आगामी त्योहारों को देखते हुए उन्होंने अपील की कि बिना अनुमति किसी भी कार्यक्रम का आयोजन न करें व ईद की नमाज के दौरान किसी भी मार्ग को बाधित न करें। इसके साथ ही किसी भी तरह के अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने साइबर अपराध को देखते हुए 1930 हेल्पलाइन से अवगत कराया और कहा कि आनलाइन फ्राड करने वालों से सतर्क रहें। बैठक में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली त्रिलोचन त्रिपाठी आदि रहे।
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संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती।
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि हम सभी को यह ख्याल रखना चाहिए कि हमारी पूजा से किसी दूसरे को किसी प्रकार की तकलीफ न पहुंचे। पूजा और पाठ भगवान तक पहुंचने का मार्ग है, इसलिए दूसरों को इससे किसी भी तरह परेशानी न हो इसका ध्यान रखना जरूरी है।