BHU: बीएचयू को गोल्ड मेडल, पीठ के लिए पांच साल में मिले 9.61 करोड़, इस साल 19 जनवरी तक मिले एक करोड़ रुपये
Varanasi News: बीएचयू को गोल्ड मेडल, पीठ, स्कॉलरशिप, लेक्चर के लिए पांच साल में 9.61 करोड़ रुपये मिले। दानकर्ताओं में सबसे ज्यादा योगदान पूर्व छात्र, इसके बाद प्रोफेसर, कर्मचारी और वर्तमान छात्र का रहा।
विस्तार
बीएचयू को 2025-26 सत्र में 19 जनवरी तक लगभग एक करोड़ रुपये और पिछले पांच साल में कुल 9.61 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ है। ये धनराशि नए स्कॉलरशिप, दीक्षांत गोल्ड मेडल, पीठ, मेमोरियल लेक्चर सीरीज आदि के लिए दी गई है। पिछले पांच साल में कुल 9.61 करोड़ में सबसे अधिक 3.82 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त हुए थे, जबकि सबसे कम 2022-23 में 59.24 लाख रुपये ही मिले थे।
इन दानकर्ताओं में छह संस्थान और पूर्व छात्र शामिल हैं, जिन्होंने कुल लगभग 3 करोड़ रुपये का योगदान दिया। ये धनराशि बीएचयू के पूर्व छात्रों, वर्तमान छात्रों, पैरेंट्स, ट्रस्ट, प्रोफेसरों और कई अन्य ने दी है। वहीं कई दानकर्ताओं ने अपनी पहचान “शुभचिंतक” के रूप में बताई है।
सबसे बड़े दानकर्ता
श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सीलेंस, कालीपट्टनापू फाउंडेशन, किशोरी देवी झुनझुनवाला और मंडावा होल्डिंग्स की ओर से 50-50 लाख रुपये। इंडिया मेलबर्न के फाउंडेशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ आर्ट एंड साइंस ने 49.99 लाख रुपये और बीएचयू अमेरिका फाउंडेशन ने 47.42 लाख रुपये दान किए।
बीएचयू को पांच साल के दौरान निम्नलिखित सत्रों में धन प्राप्त हुआ
- 2021-22: 59.24 लाख रुपये
- 2022-23: 2.70 करोड़ रुपये
- 2023-24: 3.82 करोड़ रुपये
- 2024-25: 1.49 करोड़ रुपये
- कुल मिलाकर: 9.61 करोड़ रुपये
हर कार्य के लिए अलग धनराशि
- परिवार के नाम से गोल्ड मेडल शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये।
- शोध पीठ के लिए कम से कम 5 करोड़ रुपये।
- यूजी और पीजी छात्रों की स्कॉलरशिप के लिए कम से कम 25 हजार रुपये प्रति छात्र; इसके लिए न्यूनतम दान राशि 5 लाख रुपये।
- मेमोरियल लेक्चर सीरीज के लिए 25 लाख रुपये; इसमें टीए, डीए, हॉस्पिटैलिटी, लोकल ट्रांसपोर्ट आदि शामिल हैं।
- ये सभी दान महामना वार्षिक निधि में जमा किए जाते हैं। मेडल से जुड़े फैसलों की अनुमति एकेडमिक काउंसिल देती है।
