मिर्जापुर जिले के कटका गांव के पास सड़क हादसे में बीरबलपुर बस्ती के 10 लोगों की मौत से रामसिंहपुर ग्राम पंचायत में मातमी माहौल है। जान गंवाने वालों के घर परंपरा का निर्वहन करते हुए शनिवार की शाम सूर्यास्त के पहले चूल्हा जला। पुरुष और बच्चों ने सिसकते हुए दूध-भात खाया। वहीं, महिलाओं को रोना-बिलखना जारी रहा। इस हादसे से ग्राम पंचायत के साथ आसपास के इलाके के भी ग्रामीण गमगीन है।
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आंसूओं में डूबा इलाका: सिसकते हुए दूध-भात खाया, बिलखती रहीं महिलाएं; मिर्जापुर हादसे में 10 की गई थी जान
Sun, 06 Oct 2024 01:30 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 06 Oct 2024 01:30 PM IST
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मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के घर दूध-भात खाते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के घर खाना खाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
भदोही के औराई क्षेत्र से मकान की ढलाई कर बीरबलपुर बस्ती के 14 लोग ट्रैक्टर-मिक्सर मशीन पर बैठ कर शुक्रवार की आधी रात बाद अपने घर आ रहे थे। प्रयागराज-वाराणसी नेशनल हाईवे पर कटका गांव के पास ट्रक की टक्कर से 10 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में चार लोग घायल हुए थे। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद सभी की अंत्येष्टि मिर्जापुर के कछवां बाजार क्षेत्र में गंगा किनारे बरैनी घाट पर की गई।
मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के घरवालों ने बांधा घंट
- फोटो : अमर उजाला
घटना के दूसरे दिन शनिवार को सूर्यास्त से पहले जान गंवाने वालों के परिजनों ने दूध-भात खाया। इसके बाद दरवाजे पर बंधे घंट-घड़ियाल पर दीपक जलाए। इस बीच दिन भर बस्ती से महिलाओं के रोने-चीखने की आवाज सुनाई देती रही। बस्ती की सुदामा देवी और रमा देवी ने अपनी आंखों से आंसू पोछते हुए कहा कि भगवान ऐसा दुख दुश्मन को भी न दे। यह नवरात्र जीवन भर नहीं भूलेगी। ऐसा लग रहा है कि जैसे बस्ती के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गवांने वालों के घरवालों ने बांधा घंट
- फोटो : अमर उजाला
बांस के डंडे के सहारे बांधे जूरी घंट
बीरबलपुर बस्ती में सड़क हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के पास न कोई सार्वजनिक स्थान है और न जलाशय है। पीड़ित परिजनों के घरों के आसपास पीपल का पेड़ भी नहीं है। इसीलिए सभी अपने दरवाजे के सामने बांस के सहारे घंट जूरी बांध कर शनिवार को दीपदान किए। पीड़ित परिजनों का कहना था कि जो नेता चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं उन्हें कम से कम ऐसा सार्वजनिक स्थान तो उपलब्ध कराना चाहिए कि घर-परिवार के किसी सदस्य की मौत हो तो उसका क्रिया-कर्म किया जा सके।
बीरबलपुर बस्ती में सड़क हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के पास न कोई सार्वजनिक स्थान है और न जलाशय है। पीड़ित परिजनों के घरों के आसपास पीपल का पेड़ भी नहीं है। इसीलिए सभी अपने दरवाजे के सामने बांस के सहारे घंट जूरी बांध कर शनिवार को दीपदान किए। पीड़ित परिजनों का कहना था कि जो नेता चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं उन्हें कम से कम ऐसा सार्वजनिक स्थान तो उपलब्ध कराना चाहिए कि घर-परिवार के किसी सदस्य की मौत हो तो उसका क्रिया-कर्म किया जा सके।
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पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सपा नेता
- फोटो : अमर उजाला
बीडीओ पहुंचे बस्ती, पीड़ित परिजनों से बोले- हर तरह की मदद मिलेगी
बीरबलपुर बस्ती में शनिवार को आराजी लाइन के खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढाढ़स बंधाया। कहा कि आवास विहीन लोगों को आवास, विधवा व वृद्धा पेंशन के लिए पात्र महिलाओं को पेंशन और अनाथ हुए बच्चों को स्पांसर योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी।
उन्होंने ग्राम सचिव और ग्राम विकास अधिकारी को कहा कि पीड़ित परिवारों के आवास और पेंशन संबंधी फार्म तत्काल भरवा कर आगे बढ़ाएं। इसके साथ ही फार्म भरवाने का काम शुरू हो गया। इस दौरान घायल सभाजीत के परिजनों ने गुहार लगाई कि बिल न जमा होने पर दो दिन से घर की बिजली काट दी गई है। इसे लेकर उन्होंने बिजली विभाग के एसडीओ से बात कर विद्युत आपूर्ति शुरू कराने को कहा। देर शाम तक बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई। उधर, लेखपाल सहित अन्य राजस्व कर्मियों ने पीड़ित परिजनों के बैंक खातों का विवरण लिया। कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष से मिलने वाली दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता खाते में आएगी।
बीरबलपुर बस्ती में शनिवार को आराजी लाइन के खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढाढ़स बंधाया। कहा कि आवास विहीन लोगों को आवास, विधवा व वृद्धा पेंशन के लिए पात्र महिलाओं को पेंशन और अनाथ हुए बच्चों को स्पांसर योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी।
उन्होंने ग्राम सचिव और ग्राम विकास अधिकारी को कहा कि पीड़ित परिवारों के आवास और पेंशन संबंधी फार्म तत्काल भरवा कर आगे बढ़ाएं। इसके साथ ही फार्म भरवाने का काम शुरू हो गया। इस दौरान घायल सभाजीत के परिजनों ने गुहार लगाई कि बिल न जमा होने पर दो दिन से घर की बिजली काट दी गई है। इसे लेकर उन्होंने बिजली विभाग के एसडीओ से बात कर विद्युत आपूर्ति शुरू कराने को कहा। देर शाम तक बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई। उधर, लेखपाल सहित अन्य राजस्व कर्मियों ने पीड़ित परिजनों के बैंक खातों का विवरण लिया। कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष से मिलने वाली दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता खाते में आएगी।