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मिर्जापुर में हादसा: सगे भाइयों की जान गई... गर्भ में ही छूटा पिता का साया, मां-बाप के इकलौते बेटों की मौत
Sat, 05 Oct 2024 10:42 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर/मिर्जामुराद (वाराणसी)
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर/मिर्जामुराद (वाराणसी)
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 05 Oct 2024 10:42 AM IST
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Mirzapur Road accident
- फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर जिले के कटका गांव के पास प्रयागराज-वाराणसी नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक और ट्रैक्टर-मिक्सर मशीन सवार 10 लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार की भोर मिर्जामुराद थाना क्षेत्र की रामसिंहपुर ग्राम पंचायत की बीरबलपुर बस्ती में रहने वाले ग्रामीणों को उनके परिजनों की मौत की जानकारी मिली तो चौतरफा चीख-पुकार मच गई। रोते-बिलखते ग्रामीण एक-दूसरे को ढांढ़स बंधाते हुए घटनास्थल की ओर भागे।
सनोहर, प्रेम कुमार, रोशन, भानु प्रताप और सूरज की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
कटका गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से बाइक और फिर ट्रैक्टर में जोरदार टक्कर मारी। हादसे में सगे भाई अनिल कुमार (35) और सूरज (22) के अलावा अपने मां-बाप के इकलौते बेटे सनोहर (25), राकेश कुमार उर्फ मुन्ना (25) की मौत हो गई। राकेश की पत्नी पूजा इन दिनों गर्भवती है। इसके अलावा मिक्सर मशीन के मालिक भानू प्रताप (25), विकास कुमार (20), प्रेम कुमार (40), राहुल कुमार उर्फ टिल्लू (26), नितिन कुमार (20) और रोशन कुमार (17) की भी मौत हो गई। हादसे में आकाश कुमार (18), जमुनी (26), सभाजीत (30) और अजय सरोज (50) घायल हुए हैं।
अनिल कुमार, अरुण, राकेश कुमार, नितिन और विकास की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
नहीं जले घरों के चूल्हे, नहीं सुनाई दी मंदिरों की घंटियां
कटका गांव के पास सड़क हादसे में बीरबलपुर बस्ती के 10 लोगों की मौत के बाद रामसिंहपुर ग्राम पंचायत में शुक्रवार को सिर्फ महिलाओं का करुण क्रंदन सुनाई दे रहा था। पुरुष एक-दूसरे को ढांढ़स बंधाने में जुटे हुए थे। पीड़ित परिवारों के साथ ही गांव के कई घरों में रात में भी चूल्हे नहीं जले। चट्टी-चौराहों पर ग्रामीण हादसे की भयावहता का जिक्र करते हुए सहम जा रहे थे। नवरात्र का दूसरा दिन होने के बावजूद इलाके के मंदिरों में कोई खास चहल- पहल और पूजा-पाठ होते हुए नहीं दिखी। ग्रामीण सिर्फ यही कह रहे थे कि रोजाना मेहनत कर खाने वालों के परिजनों के साथ घोर अनर्थ हुआ।
कटका गांव के पास सड़क हादसे में बीरबलपुर बस्ती के 10 लोगों की मौत के बाद रामसिंहपुर ग्राम पंचायत में शुक्रवार को सिर्फ महिलाओं का करुण क्रंदन सुनाई दे रहा था। पुरुष एक-दूसरे को ढांढ़स बंधाने में जुटे हुए थे। पीड़ित परिवारों के साथ ही गांव के कई घरों में रात में भी चूल्हे नहीं जले। चट्टी-चौराहों पर ग्रामीण हादसे की भयावहता का जिक्र करते हुए सहम जा रहे थे। नवरात्र का दूसरा दिन होने के बावजूद इलाके के मंदिरों में कोई खास चहल- पहल और पूजा-पाठ होते हुए नहीं दिखी। ग्रामीण सिर्फ यही कह रहे थे कि रोजाना मेहनत कर खाने वालों के परिजनों के साथ घोर अनर्थ हुआ।
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बीएचयू अस्पताल में घायलों का हाल जानते भाजपाजन।
- फोटो : अमर उजाला
पढ़ाई के साथ घर के खर्च के लिए करते थे मजदूरी
कटका गांव के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन छात्र भी थे। तीनों छात्र घर का खर्च चलाने के साथ ही पढ़ाई भी करते थे। छात्रों में विकास कुमार तीन भाइयों में सबसे बड़ा और अविवाहित था। यह स्नातक की पढ़ाई के साथ ही मजदूरी करता था। विकास की मां अनीता देवी को ग्रामीण बड़ी मुश्किल से संभाले हुए थे। नितिन कुमार चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और 11वीं कक्षा का छात्र था। पिता दौलत राम मजदूरी करते हैं और मां की मौत छह साल पहले हो चुकी है।
कटका गांव के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन छात्र भी थे। तीनों छात्र घर का खर्च चलाने के साथ ही पढ़ाई भी करते थे। छात्रों में विकास कुमार तीन भाइयों में सबसे बड़ा और अविवाहित था। यह स्नातक की पढ़ाई के साथ ही मजदूरी करता था। विकास की मां अनीता देवी को ग्रामीण बड़ी मुश्किल से संभाले हुए थे। नितिन कुमार चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और 11वीं कक्षा का छात्र था। पिता दौलत राम मजदूरी करते हैं और मां की मौत छह साल पहले हो चुकी है।
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मिर्जापुर सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
रोशन कुमार दो भाई और एक एक बहन में सबसे छोटा था। यह कक्षा नौ का छात्र था। पिता दीनानाथ फेरी का काम करते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही रोशन की मां मंजू देवी घटनास्थल पर पहुंच गई। ट्रैक्टर चालक सनोहर कुमार अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। अविवाहित सनोहर की दो बहन संजनी और साधना हैं। पिता नंदू लाल मजदूरी करते हैं।